Qalb AI vs ChatGPT: बीते कुछ सालों में काफी तेजी से चैटबॉट सामने आए हैं। ओपनएआई ने चैटजीपीटी लॉन्च करके लोगों के बीच एक दमदार चैटबॉट उतारा। इसके बाद कई अन्य कंपनियों ने भी इसे फॉलो किया। अब पाकिस्तान का एआई मॉडल कल्ब एआई टेक मार्केट में आ गया है। ऐसे में इंटरनेट पर इसकी काफी चर्चा हो रही है। काफी लोग इंटरनेट पर खोज रहे हैं कि आखिर कल्ब एआई मॉडल क्या है और इसे किसने बनाया। क्या यह चैटजीपीटी से मुकाबला कर सकता है? आइए नीचे जानते हैं दोनों में क्या अंतर है।
क्या है Qalb AI मॉडल?
कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, कल्ब एआई मॉडल को 1.97 अरब टोकन के बड़े डेटाबेस पर प्रशिक्षित किया गया है। इसे 7 से ज्यादा अंतर्राष्ट्रीय स्टैंडर्ड्स पर परखा गया है और यह मौजूदा कई उर्दू एआई मॉडल्स से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। इस मॉडल को , स्टार्टअप्स, बिजनेस, शिक्षा से जुड़े प्लेटफॉर्म और आवाज से कंट्रोल होने वाले एआई एजेंट्स के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है। बता दें कि पाकिस्तान मूल के अमेरिका में पढ़ाई कर रहे तैमूर हसन ने अपने कॉलेज सहपाठी के साथ मिलकर उर्दू भाषा पर आधारित कल्ब एआई मॉडल को विकसित किया है।
कल्ब एआई बनाम चैटजीपीटी मॉडल में कौन बेहतर
जानकारी के मुताबिक, कल्ब एआई बनाम चैटजीपीटी के बीच मुकाबले की बात करें, तो पाकिस्तानी एआई मॉडल को एआई का यूज बदलने के लिए किया गया है। साथ ही इसे खास तौर पर उर्दू भाषा पर ट्रेनिंग दी गई है। ऐसे में इसे बेंचमार्क पर 90.34 का स्कोर मिला है। इस तरह से पाकिस्तानी एआई मॉडल वर्तमान में कई उर्दू एआई मॉडलों से बेहतर क्षमता रखने का दावा करता है। कल्ब एआई मॉडल उर्दू बोलने वाले देशों में काफी बढ़िया साबित हो सकता है। यही वजह है कि इसे पाकिस्तान के लोगों के लिए काफी सुविधाजनक और सरल माना जा रहा है।
वहीं, चैटजीपीटी को मुख्यतौर पर पश्चिमी देशों के डेटाबेस पर विकसित किया गया है। ओपनएआई के इस मॉडल में 80 से अधिक भाषाओं का सपोर्ट मिलता है, जिसमें उर्दू भी शामिल है। बता दें कि चैटजीपीटी के अभी तक 5 वर्जन आ चुके हैं। ऐसे में इस एआई मॉडल के जरिए मुश्किल से मुश्किल रीजनिंग, मैथ्स और बहुत ज्यादा कठिन सवालों के जवाब भी दे सकता है।





