Site icon DNP India Hindi

Satya Nadella: माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख की एआई को लेकर चेतावनी से दुनिया को डरने की जरूरत? क्या इंडिया की टेक इंडस्ट्री पर पड़ेगा बुरा प्रभाव?

Satya Nadella

Satya Nadella, Photo Credit: Google

Satya Nadella: इंडिया समेत दुनियाभर में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की धूम है। एआई का विस्तार कई लोगों के लिए बड़ा साबित हो रहा है। वहीं, कई लोगों को इससे डर लग रहा है। एआई के फायदे-नुकसान के बीच टेक दिग्गज और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने एक अलग तरह की चेतावनी जारी की है। माइक्रोसॉफ्ट प्रमुख ने एआई को लेकर चौंकाने वाला बयान दिया है। ऐसे में टेक इंडस्ट्री में नई हलचल पैदा हो गई कि क्या एआई कुछ कंपनियों और लोगों तक ही सीमित होकर ही रह जाएगा।

Satya Nadella ने एआई को लेकर दी डरावनी चेतावनी

दरअसल, स्विट्जरलैंड के दावोस में डब्ल्यूईएफ यानी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक मीटिंग के मौके पर सत्या नडेला ने एआई के भविष्य को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। माइक्रोसॉफ्ट मुखिया ने कहा, ‘अगर एआई सिर्फ बड़ी टेक कंपनियों और अमीर देशों तक सीमित रहता है, और दूसरे क्षेत्रों में नहीं फैलता है, तो एआई का मौजूदा बूम एक बुलबुला बन सकता है।’ उन्होंने कहा, ‘एआई फ्यूचर में कितना सफल होता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि तेजी से आगे बढ़ रही तकनीक का इस्तेमाल कई इंडस्ट्री करें। अगर यह कुछ कंपनियों तक और सिर्फ अमीर लोगों तक ही रहा, तो एआई सही से कामयाबी हासिल नहीं कर पाएगा।’

सत्या नडेला की चेतावनी का भारत की एआई टेक मार्केट पर कितना प्रभाव

टेक दिग्गज सत्या नडेला ने कहा, ‘एआई का इस्तेमाल सिर्फ सप्लाई साइड या बड़ी-बड़ी टेक कंपननियों तक ही नहीं रहना चाहिए। इसे विकसित देश और लोगों से आगे लेकर जाना होगा। सभी तरह की इंडस्ट्री को इसे अपनाना होगा। एआई को अधिक ट्रांसमोटिव बनाना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि जब एआई की बात आती है, तो हम सबके सामने असली सवाल यह है कि आप यह कैसे पक्का करेंगे कि एआई का फैलाव हो, और वह भी तेजी से हो।’

मालूम हो कि बीते साल इंडिया के एआई सेक्टर में माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, मेटा और अमेजन समेत कई अमेरिकी कंपनियों ने अरबों डॉलर का निवेश करने की घोषणा की थी। वहीं, इंडिया में एआई के विस्तार को देखें, तो एआई ने एजुकेशन, हेल्थकेयर और पुलिसिंग सिस्टम में भी अपने पैर पसारे हैं। हालांकि, अभी भी भारत के कई क्षेत्रों में एआई का उपयोग पूरी क्षमता के साथ नहीं हो रहा है। मगर फिर भी भारत एआई सेक्टर में अमेरिका और चीन जैसे देशों को मुकाबले के साथ टक्कर दे रहा है।

Exit mobile version