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Social Media Ban: क्या विदेशों से सीख लेगा भारत? टीनएजर्स के लिए बनाई जा सकती है सोशल मीडिया पॉलिसी; डिजिटल लत समेत कई समस्याओं से मिलेगी निजात

Social Media Ban

Photo Credit: Google

Social Media Ban: इंटरनेट, स्मार्टफोन और एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का तिकड़म सोशल मीडिया को काफी पावरफुल बना चुका है। भारत की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया पर काफी अच्छा समय व्यतीत कर रही है। ऑनलाइन शिक्षा हो या फोन में गेमिंग का शौक, टीनएजर्स को डिजिटल लती बना रही है। ऐसे में किशोरों का लगातार डिजिटल स्क्रीन टाइम बढ़ रहा है, मगर इससे कई भयावह नुकसान भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में क्या इंडिया भी दुनिया के अन्य देशों की तरह किशोरों के लिए सोशल मीडिया को लेकर कुछ सख्त कदम उठाने की योजना बना रही है।

Social Media Ban को लेकर केंद्र सरकार कर रही बड़ी प्लानिंग

‘Hindustan Times’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार का इलेक्ट्रॉनिक और आईटी मंत्रालय 16 साल से कम उम्र के लोगों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस को सीमित करने पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ऑस्ट्रेलिया द्वारा 16 साल से कम आयु वाले किशोरों के लिए सोशल मीडिया का एक्सेस बैन कर दिया है। बीते मंगलवार को आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार उम्र के आधार पर पाबंदियों पर अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ बातचीत कर रही है।

आईटी मंत्री ने कहा, ‘यह एक ऐसी बात है, जिसे कई देशों ने मान लिया है कि उम्र के आधार पर रेगुलेशन होना चाहिए। यह हमारे डीपीडीपी यानी डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट का हिस्सा था। अभी, हम अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ डीपफेक और उम्र के आधार पर पाबंदियों के बारे में बातचीत कर रहे हैं।’

इंडिया के इन राज्यों में सोशल मीडिया बैन को लेकर चल रहा विचार

वहीं, कुछ देशों में किशोरों के सोशल मीडिया एक्सेस को सीमित करने के संबंध में सख्त कदम उठाए गए हैं। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। साथ ही फ्रांस भी 15 साल से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के संबंध में बिल लाने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा, यूके और स्पेन भी किशोरों के सोशल मीडिया एक्सेस को सीमित करने पर विचार कर रहा है।

कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है इंडिया के कई राज्यों में टीनएजर्स के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को सीमित करने पर विचार कर रहे हैं। इसमें आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और गोवा की सरकारों ने 16 साल से कम उम्र के लोगों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस को सीमित करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि राज्य सरकारें इसके लिए किस तरह की रणनीति अपनाएगी।

टीनएजर्स को इन परेशानियों से मिलेगी राहत

मालूम हो कि सोशल मीडिया की आसान पहुंच ने टीनएजर्स को डिजिटल गुलाम बना दिया है। बिना सोशल मीडिया पर नजर डालें, आज के युवाओं का दिन काटना काफी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में किशोरों को सोशल मीडिया की बुरी लत लग चुकी है। ऐसे में अगर केंद्र सरकार भारत में आयु के आधार पर सोशल मीडिया एक्सेस को लेकर कोई रणनीति बनाती है, तो इससे टीनएजर्स को काफी बड़ी राहत मिल सकती है। साथ ही किशोरों के साथ होने वाली ऑनलाइन ठगी, साइबर बुलिंग और मानसिक तनाव से निजात मिल सकती है।

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