Cholesterol Control: खानपीन और लाइफस्टाइल अगर अच्छा ना हो तो शरीर में धीरे-धीरे कॉलस्ट्रोल बढ़ने लगता है. जो कि, हार्ट की बीमारयों को पैदा करता है. ये रक्त के साथ बहने वाली चर्बी है, जो पूरे शरीर के लिए बहुत घातक होती है.अगर आपका थोड़ा सा चढ़ने पर सांस फूल जाता है, सीने में हैवीनेस सी फील होती है और एक अजीब सी अंदर से थकान महसूस होती है, तो यह बताता है कि आपका दिल जो है वह ठीक से काम नहीं कर रहा है. धीरे-धीरे इससे हार्ट अटैक का रिस्क भी हो सकता है.हार्ट अटैक अचानक से नहीं होता है। वो महीनों से और कभी-कभी तो सालों से चुपचाप बॉडी के अंदर पनपता रहता है. जब इसका पता चलता है तो अक्सर इसी वजह
से काफी देर हो चुकी होती है.आर्टरीज अंदर से चोक हो चुकी होती हैं. हमारे पास सिवाय एंजियोप्लास्टी के सिवाय स्टेंट के या बाईपास सर्जरी के कोई और चारा नहीं बचता है। इन सबका कारण कोलेस्ट्रॉल को माना जाता है. ये शरीर में रक्त के अंदर बढ़ती चर्बी होती है, जो हार्ट के लिए बहुत खतरनाक है. इसी लिए कॉलस्ट्रोल को कंट्रोल करने के बारे में डॉक्टर सलीम के द्वारा बताया जा रहा है.
Cholesterol कितना खतरनाक है?
हार्ट अटैक अक्सर तब होता है जब आर्टरी के अंदर जमा हुआ यह प्लैक है यह अचानक से फट जाए और जैसे ही यह फटता है. बॉडी उसे हील करने के लिए तुरंत क्लॉट बना देती है. वहां पे एक खून का थक्का जमा
देती है. अब अगर यह क्लॉट जो है यह हार्ट की सप्लाई को रोक दे तो हार्ट अटैक हो जाता है. अगर यह ब्रेन की तरफ चला जाए, ब्रेन को रोक दे वहां पर सप्लाई को तो उससे स्ट्रोक हो जाता है।
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कॉलस्ट्रोल को कंट्रोल करने का आसान तरीका
डॉक्टर के द्वारा बताया जा रहा है कि, ईसबगोल में पाया जाने वाला घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल को कम करता है. ईसबगोल लेना बहुत ही सिंपल होता है. सिर्फ एक छोटा चम्मच ईसबगोल लीजिए। उसे एक गिलास हल्के गुनगुने पानी में आप अच्छी तरह से मिला लीजिए . इसे रात को डिनर के बाद या फिर सोने से थोड़ी देर पहले आप पी लीजिए. एक बात का ख्याल रखिएगा कि इसके कुछ देर के बाद आपको एक गिलास और पानी जरूर पीना है। क्योंकि ईसबगोल पानी के बिना काम नहीं करता. यह पानी को अब्सॉर्ब कर लेता है. इसलिए अगर आपने इसे लेने के बाद और ज्यादा पानी नहीं पिया तो इसका पूरा फायदा आपको नहीं मिल पाएगा. इसकी मात्रा धीरे- धीरे बढ़ानी है.अगर आप पहले से कोई मेडिसिन ले रहे हैं तो ये ईसबगोल और उस मेडिसिन के बीच में कम से कम 2 घंटे का गैप रखें. ये उस मेडिसिन का जो अब्सॉर्प्शन है उसमें यह कुछ ना कुछ गड़बड़ कर सकता है. और अगर किसी को आंतों की कोई बहुत ही पुरानी या गंभीर बीमारी है. तो बिना अपने डॉक्टर से पूछे आप ईसबगोल को स्टार्ट ना करें। ईसबगोल हार्ट प्रोब्लम को खत्म नहीं करता है. ये सिर्फ इसके खतरे को कम करता है. ईसबगोल लेते हुए डॉक्टर से जरुर मिलते रहें.
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






