Mohan Bhagwat: आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर देश के अलग-अलग राज्यों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी बीच मुंबई में आयोजित ‘मुंबई व्याख्यानमाला’ के दूसरे दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी इस दौरान उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर अपनी बात रखी, साथ ही उन्होंने बताया कि कैसे घुसपैठ को रोकने के लिए सरकार को बहुत कुछ करना है। और आम लोगों को घुसपैठियों की कैसे पहचान करनी होगी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार घुसपैठियों के मुद्दे पर लगातार सख्त बनी हुई है। हालांकि आरएसएस प्रमुख ने साफ शब्दों में रहा कि अभी ऐसा नहीं हो रहा है। लेकिन धीरे-धीरे शुरू हो गया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़े सभी जरूरी अपडेट।
घुसपैठियों पर क्या बोले Mohan Bhagwat?
अपने कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि “घुसपैठ को रोकने के लिए सरकार को बहुत कुछ करना है। उन्हें घुसपैठियों का पता लगाकर उन्हें देश से बाहर निकालना होगा। अब तक ऐसा नहीं हो रहा था, लेकिन धीरे-धीरे शुरू हो गया है और इसमें धीरे-धीरे तेजी आएगी। जब जनगणना या एसआईआर (विदेशी नागरिक सर्वेक्षण) किया जाता है, तो कई ऐसे लोग सामने आते हैं जो इस देश के नागरिक नहीं हैं। उन्हें स्वतः ही इस प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाता है। लेकिन हम एक काम कर सकते हैं: हम उनका पता लगाने पर काम कर सकते हैं।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: RSS Chief Mohan Bhagwat says, “The government has a lot to do regarding infiltration. They have to detect and deport. This wasn’t happening until now, but it has started little by little, and it will gradually increase. When the census or the SIR is… pic.twitter.com/YaH6Segi1I
— ANI (@ANI) February 8, 2026
उनकी भाषा से ही उनकी पहचान हो जाती है। हमें उनका पता लगाकर संबंधित अधिकारियों को सूचित करना चाहिए। हमें पुलिस को सूचित करना चाहिए कि हमें संदेह है कि ये लोग विदेशी हैं, और उन्हें जांच करनी चाहिए और उन पर नजर रखनी चाहिए, और हम भी उन पर नजर रखेंगे। हम किसी भी विदेशी को नौकरी नहीं देंगे। अगर कोई हमारे देश का है, चाहे वह मुसलमान ही क्यों न हो, अगर वह हमारे देश का है, तो हम उसे नौकरी देंगे, लेकिन विदेशियों को नहीं। आपको थोड़ा और सतर्क और जागरूक रहना चाहिए।”
घुसपैठियों का रोजगार सुरक्षित हो रहा है – मोहन भागवत
इस मामले पर मोहन भागवत ने आगे कहा कि “हिंदू समुदाय के लोग धीरे-धीरे इन कम कौशल वाले कामों को छोड़ रहे हैं। हर कोई ज़्यादा वेतन वाली नौकरियों के पीछे भाग रहा है। नतीजा यह है कि इन कामों को करने वाला कोई और नहीं है, इसलिए इन क्षेत्रों में घुसपैठियों का रोज़गार सुरक्षित हो जाता है। यहां तक कि जो लोग खुद को हिंदू नहीं कहते, अगर वे इस देश के हैं, तो उन्हें भी काम मिलना चाहिए। हमारी आबादी बहुत बड़ी है। इसलिए, प्रगति के लिए हम जो भी करें, वह रोज़गार पैदा करने वाला होना चाहिए, न कि रोज़गार खत्म करने वाला। तो, नई तकनीकें आ रही हैं, जैसे एआई और अन्य।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: RSS Chief Mohan Bhagwat says, “… People from the Hindu community have gradually abandoned these low-skilled jobs. Everyone is chasing after high-paying jobs. The result is that since there’s no one else to do these jobs, their (infiltrators)… pic.twitter.com/NSsRSUHHDd
— ANI (@ANI) February 8, 2026
हमें यह सुनिश्चित करने के लिए क्या करना चाहिए कि इससे नौकरियों का नुकसान न हो? तकनीक तो आएगी ही, और प्रतिस्पर्धा के लिए हमें इस पर महारत हासिल करनी होगी और इसका उपयोग करना होगा। हम यह नहीं कह सकते कि हम एआई को आने नहीं देंगे। एआई आएगा, और हम इसका उपयोग इस तरह करेंगे कि हमारा काम बिना रोज़गार पर नकारात्मक प्रभाव डाले चलता रहे”।
