Haridwar Viral Video: गंगा घाट पर ‘डॉग लवर’ महिला की करतूत से तू-तू मैं-मैं! पवित्र नदी में कुत्ते को नहलाकर मचाया संग्राम; देखें

सोशल मीडिया पर Haridwar Viral Video सुर्खियों में है जिसमें एक महिला पशु प्रेम के चक्कर में कुत्ते को गंगा घाट पर नहलाती नजर आ रही है। महिला की करतूत देख स्थानीय लोगों ने विरोध जताया जिसके बाद संग्राम देखने को मिला।

Haridwar Viral Video

Picture Credit: सोशल मीडिया (गंगा नदी में कुत्ते को नहलाती महिला)

Haridwar Viral Video: सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे वीडियो कंटेंट सामने आ जाते हैं जिसको लेकर सुर्खियां बन जाती हैं। ऐसा ही एक वायरल वीडियो उत्तराखंड के हरिद्वार से सामने आया है जहां गंगा घाट पर एक महिला की करतूत से तू-तू मैं-मैं बढ़ी है। दरअसल, हरिद्वार के सर्वानंद घाट पर एक ‘डॉग लवर’ महिला अपने कुत्ते को पवित्र गंगा नदी में नहलाती दिखी। मौके पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस पर आपत्ति जताई और गंगा घाट पर संग्राम देखने को मिला। गंगा घाट पर उपस्थित तीर्थ पुरोहितों नेभी वायरल वीडियो को लेकर आपत्ति दर्ज कराई और इसे अस्वीकार्य बताया।

गंगा घाट पर ‘डॉग लवर’ महिला की करतूत से तू-तू मैं-मैं! 

एबीपी न्यूज के आधिकारिक एक्स हैंडल से हरिद्वार वायरल वीडियो पोस्ट किया गया है जिसको लेकर सोशल मीडिया पर संग्राम मचा है।

वायरल वीडियो में एक डॉग लवर महिला अपने कुत्ते को पवित्र गंगा नदी में नहलाती नजर आ रही है। गंगा नदी के सर्वानंद घाट पर उपस्थित तमाम श्रद्धालुओं की मनाही के बावजूद महिला कुत्ते को पवित्र नदी में उतार देती है। इसके बाद विरोध कर रहे लोगों को भी महिला खूब खरी-खोटी सुनाती है। तभी मौके पर उपस्थित किसी सख्श द्वारा वीडियो कैमरे में कैद कर लिया जाता है जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है। हरिद्वार वायरल वीडियो को देख यूजर्स भी जमकर प्रतिक्रिया देते हुए इसे आस्था से खिलवाड़ और मां गंगा का अपमान बता रहे हैं।

यूजर्स के साथ तीर्थ पुरोहितों ने की कृत्य की निंदा!

एक्स प्लेटफॉर्म से लेकर इंस्टाग्राम और फेसबुक तक पर हरिद्वार वायरल वीडियो को लेकर सुर्खियां बन रही हैं। इस बीच यूजर्स ने महिला के कृत्य की आलोचना की है। यूजर्स ने इसे आस्था से खिलवाड़ बताते हुए मां गंगा का अपमान बताया है। घाट पर उपस्थित तीर्थ पुरोहितों का भी कहना है कि गंगा जी, गंगा जल भारतीय परंपरा, संस्कृति और आस्था का प्रतीक हैं। मां गंगा को देवी का दर्जा प्राप्त है। ऐसे में पवित्र गंगा नदी में कुत्ते को नहलाना अस्वीकार्य है। जिस गंगा जल का उपयोग पूजा पद्धति में किया जाता हो, वहां पशु प्रेम के चक्कर में कुत्ते को नहलाना मूर्खता भरा कदम है।

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