Viral Video: क्या सीबीएसई 12वीं की कॉपी चेकिंग के साथ छेड़छाड़ किया गया है। क्या इस बार ध्यान से चेक नहीं किया गया है। आखिर केमिस्ट्री टीचर ने ऐसा क्या कहा वायरल वीडियो में जिसे देखकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। क्या वाकई कॉपी चेकिंग में लापरवाही बरती गई है। क्या भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए आइए जानते हैं वायरल वीडियो में महिला टीचर ने किस तरह से अपनी आवाज बुलंद की है जो चर्चा में है।
Viral Video में स्टूडेंट्स को मिले नंबर पर टीचर ने उठाया सवाल
A Chemistry teacher exposing flaws in CBSE Class 12 paper checking is deeply alarming. Board marks decide admissions, careers, and futures. Even a small evaluation mistake can seriously affect a student’s life. Students are expected to work with perfection, so why is the checking… pic.twitter.com/acHXOhCaZc
— Sapna Madan (@sapnamadan) May 17, 2026
वायरल वीडियो में 25 साल से केमिस्ट्री पढ़ाने वाली महिला टीचर ने कहा है कि इस बार जो 12वीं के रिजल्ट में घपलेबाजी हुई है वह देखकर दिल रो रहा है। वह उन्हें समझ में नहीं आ रहा है। जो स्टूडेंट 90 और 95 लेकर आए हैं साल भर स्कूल में ट्यूशन में अब उन्हें 70-75 और 65 नंबर में देखकर यह संभव ही नहीं है। वह कहती है कि आपने ऑनलाइन चेकिंग का जो सिस्टम बनाया है उसके बारे में पहले से बताना चाहिए था ताकि टीचर्स भी तैयार हो सके। इसके साथ ही महिला टीचर वायरल वीडियो में यह कहती हुई नजर आती है कि रिजल्ट देने की जल्दबाजी में एक दिन पहले एवरेज मार्किंग की गई है। यह बच्चे के भविष्य के लिए गलत है।
सीबीएसई कक्षा 12 की कॉपी की जांच में खामियों का पर्दाफाश
वहीं वायरल वीडियो में टीचर कहती है कि अगर कोई भी नई चीज को फॉलो करवाना होता है तो उसे पहले से तैयारी करनी होती है। x चैनल से शेयर किए गए इस वीडियो के साथ बताया गया कि सीबीएसई कक्षा 12 की कॉपी की जांच में खामियों को उजागर करना है। बोर्ड के अंक ही एडमिशन करियर और भविष्य तय करते हैं। मूल्यांकन में एक छोटी सी गलती भी किसी छात्र के जीवन पर गंभीर असर डाल सकती है। छात्रों से तो पूर्णता के साथ काम करने की उम्मीद की जाती है तो फिर जांच प्रणाली को लापरवाही की छूट क्यों दी जाती है।
@sapnamadan x से वायरल वीडियो को 12000 से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और लोग इस पर जांच करने की मांग कर रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
