ISI के बाद बांग्लादेश में China की बढ़ती गतिविधियां! Muhammad Yunus की मदद से एयरफील्ड बनाने की फिराक में ड्रैगन; नई चुनौती से कैसे निपटेगा भारत?

Chinese Airbase in Bangladesh

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Chinese Airbase in Bangladesh: चीन लगातार भारत के लिए सिरदर्द बनता नजर आ रहा है। एशिया के साथ दुनिया के अन्य तमाम हिस्सों में भारत की बढ़ती ख्याति उसे बर्दाश्त नहीं हो रही। यही वजह है कि ड्रैगन अब बांग्लादेश के कंधे पर बंदूक रख भारत पर निशाना साधना चाहता है। चीन के इस नापाक मंसूबे में पाकिस्तान की भी सहमति नजर आ रही है। दोनों मिलकर भारत में पूर्वोत्तर राज्यों के करीब बांग्लादेश के लालमोनिर हार्ट में एयरफील्ड बनाने की जुगत में लगे है। इसका खुलासा फर्स्टपोस्ट की एक वीडियो रिपोर्ट में हुआ है।

रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि China, बांग्लादेश के लालमोनिर हार्ट इलाके में एयरफील्ड बना सकता है। इसके लिए मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार से बातचीत अंतिम दौर में है। यदि ऐसा हुआ भारत की सुरक्षा को बड़ा खतरा होगा। यही वजह है कि भारत के अलर्ट होने और रणनीतियां बनाने से जुड़े तमाम तरह के दावे किए जा रहे हैं।

Muhammad Yunus की मदद से एयरफील्ड बनाने की फिराक में ड्रैगन!

फर्स्टपोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार बांग्लादेश में चीन की बढ़ती गतिविधियों का जिक्र है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन मोहम्मद यूनुस की मदद से बांग्लादेश के लालमोनिर हार्ट में एयरफिल्ड बनाने की तैयारी में जुटा है। हो सकता है कि अक्टूबर से एयरफील्ड का निर्माण शुरू हो जाए। इसके लिए बकायदा पूरी जद्दोजगह लगी है। यदि ऐसा हुआ तो बांग्लादेश में आईएसआई के बाद चीन की गतिविधि बढ़ जाएगा जो भारत के लिहाज से ठीक नहीं है। ये भी खबर है कि पाकिस्तान अपने दो शीर्ष अधिकारियों को ढाका भेज रहा है। उनके विदेश सचिव 17 अप्रैल को बांग्लादेश का दौरा करेंगे। उनके विदेश मंत्री इशाद ददार 24 अप्रैल को दौरा करेंगे। ऐसे में स्पष्ट संकेत है कि चीन पाकिस्तान और बांग्लादेश तीनों मिलकर कुछ न कुछ खिचड़ी पका रहे हैं, जिससे भारत को खतरा हो सकता है।

पूर्वोत्तर में नई चुनौती से कैसे निपटेगा भारत?

यूं तो भारत की पैनी नजर पूर्वोत्तर पर है, लेकिन यदि चीन की गतिविधियां एयरफील्ड के सहारे बांग्लादेश में बढ़ीं, तो भारत को और सतर्क होना होगा। ऐसी स्थिति में पूर्वोत्तर राज्यों में बॉर्ड इलाकों पर गश्त बढ़ानी होगी। इतना ही नहीं, अत्याधुनिक हथियारों को लगाकर स्थिति को और बारीकी से देखना होगा, ताकि दुश्मनों को कहीं से भी भेदने की गुंजाइश न हो सके। वैसे तो भारत पल-पल की निगरानी कर ही रहा है। अब सारा ध्यान चीन के अगले कदम पर है जिसके आधार पर यहां से चाल चली जाएगी।

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