US-Israel-Iran War: तेहरान समेत ईरान के सभी प्रमुख शहरों पर जारी अमेरिकी-इजरायली हमलों ने दुनिया को प्रभावित किया है। पश्चिम एशिया में छिड़ा संघर्ष चौथे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। हालांकि, इस पर विराम की कोई संभावना नहीं नजर आ रही। हालिया स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप भी घबराए नजर आ रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना अमेरिका के लिए भी चिंता का कारण बन गया है।
इसी क्रम में ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से वार्ता की है। अमेरिका की ओर से पीएम मोदी से वार्ता के दौरान बंद पड़े स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर चिंता व्यक्त की गई है। दुनिया के कई देशों का मानना है कि भारत यूएस-इजरायल-ईरान वॉर में मध्यस्थता कर दुनिया को इससे मुक्ति दिला सकता है। इसी क्रम में अमेरिका का रुझान भी बदला नजर आ रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट पर चिंतित ट्रंप ने PM मोदी से की वार्ता!
कच्चे तेल व ऊर्जा के अन्य स्रोतों के आयात हेतु स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग की कितनी अहमियत है। इसका अंदाजा दुनिया को लग चुका है। ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद इस प्रमुख समुद्री मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इससे दुनिया भर में कच्चे तेल, एलपीजी व ऊर्जा के अन्य स्रोत की आवाजाही ठप हुई है। मामले की गंभीरता देख प्रेसिडेंट ट्रंप भी चिंतित हैं।
डोनाल्ड ट्रंप इस चुनौती से निपटने की दिशा में कई प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने पीएम मोदी से टेलिफोनिक वार्ता कर पश्चिम एशिया युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की तत्काल आवश्यकता पर चर्चा की है। ईरान द्वारा इजरायल के साथ खाड़ी देशों पर हमलों का दौर जारी है। इससे ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखलाओं को अभूतपूर्व चुनौतियां मिल रही हैं। इसी कड़ी में ट्रंप ने भारत का सहारा लेने की पहल की है।
दुनिया पर गहराते संकट से क्या मुक्ति दिलाएगा भारत?
पश्चिम एशिया में छिड़े जंग के बीच अब दुनिया की नजरें भारत पर टिकीं हैं। भारत एक ऐसा देश है जो गुटनिरपेक्षता की नीति पर आगे बढ़ता है। भारत के संबंध ईरान के साथ इजरायल और अमेरिका से भी बेहद अच्छे हैं। यही वजह है कि फिनलैंड, जापान, अफ्रिका समेत तमाम दुनिया के देश भारत को एक मजबूत मध्यस्थता करने वाले के रूप में देख रहे हैं। भारत द्वारा यूएस-इजरायल-ईरान वॉर को रुकवाने की बात कही जा रही है।
प्रेसिडेंट ट्रंप की पीएम मोदी से हुई वार्ता भी इसी क्रम में अहम मानी जा रही है। भारत ने भी यूएस-इजरायल-ईरान वॉर को लेकर चिंता व्यक्त की है। पीएम मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया की हालिया स्थिति को चिंताजनक बताया था। हालांकि, अब ट्रंप से वार्ता के बाद भारत की भूमिका क्या होगी इस पर दुनिया की नजरें हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि भारत आगे क्या कदम उठाया है।
