US-Israel-Iran-War: अमेरिका और इजरायल लगातार ईरान पर हमला कर रहा है। जिसका ईरान भी मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक्स हैंडल पर जानकारी देते हुए कहा था कि वह ईरान के उर्जा संयंत्रों पर 5 दिन हमला नहीं करेंगे। वहीं अब इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने वीडियो जारी करते हुए ईरान को खुली धमकी दी है। जिसके बाद कई देशों में हड़कंप मच गया है।
जिसने कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है। गौरतलब है कि मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध ने कई देशों के ऊर्जा संयंत्रों और एनर्जी संकट पैदा कर दिया है। बता दें कि युद्ध के शुरू हुए 21 दिन से भी ज्यादा हो चुके है और जारी है। जो विश्व की आर्थिक स्थिति को चोट पहुंचा सकता है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
वेंजामिन नेतन्याहू की ईरान की खुली धमकी से हड़कंप
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने सोशल मीडिल प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “आज सुबह मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रम्प से बात की। राष्ट्रपति ट्रम्प का मानना है कि अमेरिकी सेना द्वारा हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धियों का लाभ उठाकर हम समझौते में उल्लिखित युद्ध उद्देश्यों को पूरा कर सकते हैं।
מוקדם יותר היום שוחחתי עם ידידנו הנשיא טראמפ.
הנשיא טראמפ מאמין שיש סיכוי למנף את ההישגים הכבירים שהשגנו עם צבא ארה”ב, כדי לממש את יעדי המלחמה בהסכם – הסכם שישמור על האינטרסים החיוניים שלנו.
במקביל, אנחנו ממשיכים לתקוף גם באיראן וגם בלבנון. אנחנו כותשים את תוכנית הטילים… pic.twitter.com/EHG9geofkl
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) March 23, 2026
यह समझौता हमारे महत्वपूर्ण हितों की रक्षा करेगा। साथ ही, हम ईरान और लेबनान दोनों पर हमले जारी रखे हुए हैं। हम मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु कार्यक्रम को कुचल रहे हैं और हिज़्बुल्लाह पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। कुछ ही दिन पहले हमने दो और परमाणु वैज्ञानिकों को मार गिराया और हमारा हाथ अभी भी फैला हुआ है। हम किसी भी परिस्थिति में अपने महत्वपूर्ण हितों की रक्षा करेंगे”।
मीडिल ईस्ट में युद्ध से कई देशों में उथल-पुथल – US-Israel-Iran-War
US-Israel-Iran-War शुरू हुए 20 दिन से भी ज्यादा हो चुके है। जिसके बाद स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। कई देशों के ऊर्जा संयंत्रों पर खतरा मंडराने लगा है। कच्चे तेल के दामों में भी जबरदस्त उलटफेर देखने को मिल रहा है। भारत के पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इसके अलावा खाने-पीने की चीजें भी महंगी हो रही है। कई देशों में तेल पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत देखी जा रही है। भारत में भी इसका असर दिखना शुरू हो गया है। एलपीजी के दामों में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल के दामों पर भी संकट गहराने लगा है। वहीं अब देखना होगा कि अगर युद्ध लंबा चलता है, तो भारत के पास क्या विकल्प मौजूद होगा।
