Pakistan News: बेतहाशा महंगाई की मार झेल रही पाकिस्तानी आवाम पर वज्रपात पड़ा है। दरअसल, शहबाज शरीफ की हुकूमत ने अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच ईंधन की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि की है। पेट्रोलियल मंत्री अली परवेज मलिक के मुताबिक पड़ोसी मुल्क में पेट्रोल-डीजल की नई दर 458.40 और 520.35 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर है।
आटा, चावल, दाल, तेल समेत अन्य बुनियादी खाद्य पदार्थ की कीमतें जहां एक ओर आसमान छू रही हों। वहां ईंधन की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी मुल्क पर गहराते आर्थिक संकट की ओर इशारा करती है। सवाल है कि क्या पाकिस्तान की इकोनॉमी पतन की ओर अग्रसर है? आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने के साथ हालिया स्थिति के बारे में बताते हैं।
क्या पतन की ओर अग्रसर पाकिस्तान की इकोनॉमी?
इस सवाल का पुख्ता जवाब हां के रूप में दिया जा सकता है। दरअसल, किसी भी मुल्क की अर्थव्यवस्था मुल्क के अंदर मुद्रास्फीति, निवेश, कर्ज आदि पर निर्भर करती है। पाकिस्तान सभी पहलुओं पर लगभग खत्म हो चुका है। भारत के पड़ोसी मुल्क पर वर्तमान में अप्रैल 2026 तक कुल देनदारी 81.4 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपया के पार पहुंच गया है।
इससे इतर पड़ोसी मुल्क में घरेलू एलपीजी 5135 पाकिस्तानी रुपए में उपलब्ध है। आटा, चावल, दाल, तेल समेत बुनियादी खाद्य पदार्थ की कीमतें भी आसमान छू रही है। विश्व के तमाम देशों से पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ बढ़ चुका है। ये दर्शाता है कि कैसे पाकिस्तानी इकोनॉमी पतन होने के कगार पर अग्रसर है।
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच आसमान छू रही ईंधन की कीमतें
पाकिस्तान में आसमान की कीमतें आसमान छू रही हैं। अमेरिका-ईरान युद्ध के पहले मुल्क में पेट्रोल 266.17 और डीजल 280.86 प्रति लीटर के भाव से उपलब्ध था। फिर दाम में बढ़ोतरी की गई है और पेट्रोल-डीजल क्रमश: 321.20 और 335.58 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर हुई। अब फिर पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने रिकॉर्ड वृद्धि का ऐलान किया है।
नए ऐलान के मुताबिक पाकिस्तान में पेट्रोल 458.40 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और डीजल की 520.35 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की दर से उपलब्ध होगा। करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी कर पाकिस्तानी हुकूमत ने मुल्क को महंगाई की भट्ठी में झोंक दिया है। ये दर्शाता है कि पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष ने कैसे मुल्क को प्रभावित किया है।
