Balochistan News: पड़ोसी मुल्क की सेना पर घात लगाकर एक जोरदार हमला हुआ जिससे पूरी हुकूमत हिल गई। यहां बात पाकिस्तान के संदर्भ में हो रही है। दरअसल, शनिवार की सुबह पाकिस्तान के आधिपत्य वाले बलूचिस्तान में बलूच लड़ाकों ने मुनीर सेना पर जोरदार हमला किया। कथित तौर पर बीएलए के इस हमले की चपेट में आने से 50 से अधिक सैनिकों की मौत हुई।
इस हमले के बाद बदले की भाव में मुनीर सेना बलूचिस्तान में कत्लेआम का दौर शुरू कर चुकी है। पाकिस्तान ने आनन-फानन में भारत और अफगानिस्तान पर हमले का आरोप भी मढ़ दिया। हालांकि, भारत ने सधे अंदाज में पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए अपनी नाकामी का ठिकड़ा दूसरों पर ना फोड़ने की नसीहत दी है। इस प्रकरण ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव पैदा कर दिया है।
मुनीर सेना पर हमलों के बाद शुरू हुआ कत्लेआम!
बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में मुनीर सेना पर हुए हमलों के बाद कत्लेआम का दौर शुरू होने की खबर है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने बलूच लड़ाकों के हमले के बदले उनके खिलाफ जंग छेड़ दी है। इस दौरान विभिन्न हिस्सों में सेना कत्लेआम कर आम बलूचियों को मौत के घाट उतार रही है। हिंसक पाकिस्तानी सेना के इस कदम से अब तक 140 से ज्यादा बलूच नागरिकों के मारे जाने की खबर है।
बलूचियों पर जुल्म ढ़ाह चुकी पाकिस्तानी सेना द्वारा ये कदम बलूचिस्तान में 14 जगहों पर हुए हमलों के बाद शुरू हुआ है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानी बीएलए द्वारा किए गए इन हमलों की चपेट में आने से 50 से अधिक पाकिस्तानी सेना के जवानों की मौत होने की खबर आई। जबकि दर्जन भर से अधिक जवान घायल हुए। बीएलए द्वारा इन हमलों की जिम्मेदारी लेने के बाद पड़ोसी मुल्क की सेना अब कत्लेआम को अंजाम दे रही है।
पाकिस्तान के आरोपों पर भारतीय विदेश मंत्रालय का करारा जवाब
आनन-फानन में पाकिस्तान ऐसी गलतियां करता है कि पूरी दुनिया में इसकी भद्द पिटती है। हाल ही में बलूचिस्तान में मुनीर सेना पर हुए हमलों के बाद पाकिस्तान की ओर से भारत पर गंभीर आरोप लगाए गए। बलूचिस्तान की सीएम सरफराज बुगती ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान हमलावरों को समर्थन दे रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के इस दावे पर जोरदार पलटवार किया।
भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से न सिर्फ पाकिस्तान के बयान की आलोचना की गई, बल्कि इसे बेबुनियाद तक करार दिया गया। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि पाकिस्तान अपनी अंदरूनी कमियों से ध्यान हटाने के लिए पुराना तरीका अपना रहा है। पड़ोसी मुल्क में जब भी कोई घटना होती है, तो उसकी तह में जाने के बजाय पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाता है जो कि बेबुनियाद है। उनका दमन, क्रूरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन का रिकॉर्ड जगजाहिर है जिसकी समीक्षा होनी चाहिए।
