Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रति एक बार सुर्खियों में बने हुए है। आलम यह है कि दुनिया के कई बड़े देशों की टेंशन बढ़ गई है। बता दें कि अमेरिका ने 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों से बाहर होने का ऐलान कर दिया है। जिसके बाद कई वैश्विक जलवायु प्रयासों पर ग्रहण लग सकता है। जिसके बाद भारत समेत कई देशों की टेंशन बढ़ गई है। अमेरिका ने बुधवार को 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों और सम्मेलनों से खुद को अलग कर लिया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) से उसका सबसे महत्वपूर्ण बाहर निकलना जलवायु संकट से निपटने के वैश्विक प्रयासों को गंभीर झटका दे सकता है। यानि अब कई प्रोजेक्ट पर ग्रहण रहने की संभावना है।
अमेरिका के बाहर होते ही 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर लगा ग्रहण
बता दें कि अमेरिका की तरफ से ऐलान किया गया है कि वह 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से बाहर होगा। जिसके बाद कई वैश्विक जलवायु प्रयासों पर ग्रहण लग सकता है। द गार्डियन के मुताबिक इसमें 35 गैर-संयुक्त राष्ट्र (Non-UN) संगठन और 31 संयुक्त राष्ट्र की संस्थाएं शामिल हैं। बता दें कि इसमे भारत का भी अलायंस शामिल है। दरअसल इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) को सोलर एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
यह दुनिया भर के देशों को सौर ऊर्जा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करता है। हालांकि अब अमेरिका के इस बयान से भारत ही नहीं दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ सकती है। अमेरिका ISA में नवंबर 2021 में जुड़ा था। अमेरिका ने ISA के फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए और यह 101वां सदस्य देश बना। हालांकि अब अमेरिका ने इसे छोड़ने का ऐलान कर दिया है।
Donald Trump के फैसले से होगा भारी नुकसान
संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “आज राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका 66 ऐसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अलग हो रहा है जो अमेरिका विरोधी, बेकार या फिजूलखर्ची करने वाले हैं। अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों की समीक्षा जारी है।
इन संगठनों से अलग होने के ये कदम राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा अमेरिकियों से किए गए एक महत्वपूर्ण वादे को पूरा करते हैं – हम उन वैश्विकवादी नौकरशाहों को आर्थिक सहायता देना बंद करेंगे जो हमारे हितों के खिलाफ काम करते हैं। ट्रंप प्रशासन हमेशा अमेरिका और अमेरिकियों को सर्वोपरि रखेगा”।
