Donald Trump की धमकी से कांपा ईरान, अमेरिकी दूतावास पर जोरदार हमले पर फूटा अमेरिकी राष्ट्रपति का गु्स्सा; विध्वंसक हमले की आहट तेज

Donald Trump: यूएस-इजरायल-ईरान युद्ध का आज चौथा दिन है। दोनों तरफ से लगातार हमले जारी है। इसी बीच ट्रंप की धमकी से माहौल गरमा गया है।

Donald Trump

फाइल फोटो

Donald Trump: यूएस-इजरायल-ईरान युद्ध का आज चौथा दिन है। दोनों तरफ से लगातार हमले जारी है। आलम यह है कि इजरायल और अमेरिका लगातार ईरान पर मिसाइलों से हमला कर रहे है, तो वहीं ईरान इजरायल समेत मीडिल ईस्ट के कई देशों पर मिसाइलें दाग रहा है। बताते चले कि ईरान लगातार अमेरिकी सैन्य ठिकानों  और दूतावास पर ताबड़तोड़ हमला कर रहा है। जानकारी के मुताबिक ऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोनों से हमला किया है जिससे आग भड़क गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के बाद ईरान को विध्वंसक परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। जिसके बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या क्या यूएस और विध्वंसक हमले करने जा रहा है।

अमेरिकी दूतावास के हमले से फूटा डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर कई ड्रोनों से ताबड़तोड़ हमले किए गए। न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार इसकी जानकारी सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी है। रियाद में अमेरिकी दूतावास ने एक सुरक्षा अलर्ट जारी कर अमेरिकी नागरिकों को “तुरंत जगह पर आश्रय (शेल्टर)” लेने की सलाह दी है।

इस हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह से आगबबूला हो गए है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अभी तो अमेरिका के सबसे बड़े हमले हुए भी नहीं है। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान में अमेरिकी सैनिकों को जमीन पर उतारने की बात से भी इंकार नहीं किया है। मतलब जरूरत पड़ी तो उतारा जा सकता है।

क्या दुनिया में मचने जा रही है भीषण तबाही

एक तरफ इजरायल-अमेरिका ईरान पर लगातार हमले कर रहा है। हालांकि ईरान भी पीछे नहीं है। मीडिल ईस्ट के कई देशों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला कर रहा है। इसके अलावा इजरायल पर भी ताबड़तोड़ हमले जारी है। दोनों तरफ से कोई भी झुकने को तैयार नहीं है। जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में हमले और विध्वंसक हो सकते है। डोनाल्ड ट्रंप ने भी साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में हमले और खतरनाक हो सकते है।

इस युद्ध से भारत पर कितना पड़ेगा असर?

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारत को थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि भारत का लगभभ 50 प्रतिशत कच्चे तेल आयात इसी रास्ते से होते है। वहीं अगर विकल्प की बात करें तो भारत पहले से ही रूस, मध्य-पूर्व, पश्चिम अफ्रीका समेत कई देशों से तेल आयात करता है जिससे आपूर्ति स्रोत विविध हैं।

 

 

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