Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति एक बार फिर चर्चाओं में बने हुए है। बता दें कि यूएस सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए टैरिफ को लेकर अवैध करार दिया था। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले के बाद तुरंत ग्लोबल 10 प्रतिशत का टैरिफ लगा दिया था। वहीं अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। जिसके बाद कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है। मालूम हो कि अमेरिका ने भी भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया था, लेकिन ट्रे़ड डील के बाद इस घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था। वहीं अब ट्रंप के इस फैसले से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है कि क्या ट्रंप ने अपने देश के सुप्रीम कोर्ट को ठेंगा दिखा दिया है।
Donald Trump ने टैरिफ में किया जबरदस्त इजाफा
दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रूथ सोशल पर लिखा कि “संयुक्त राज्य अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कल जारी किए गए हास्यास्पद, खराब ढंग से लिखे गए और असाधारण रूप से अमेरिका-विरोधी टैरिफ संबंधी निर्णय की गहन, विस्तृत और संपूर्ण समीक्षा के आधार पर, कई महीनों के विचार-विमर्श के बाद, कृपया इस कथन को इस बात का प्रतिनिधित्व मानें कि मैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में, उन देशों पर लगाए गए 10% वैश्विक टैरिफ को तत्काल प्रभाव से बढ़ाकर 15% कर रहा हूँ।
Donald J. Trump Truth Social Post of Video 10:59 AM EST 02.21.26
Based on a thorough, detailed, and complete review of the ridiculous, poorly written, and extraordinarily anti-American decision on Tariffs issued yesterday, after MANY months of contemplation, by the United States…
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) February 21, 2026
जिनमें से कई दशकों से बिना किसी दंड के अमेरिका को लूट रहे थे (जब तक मैं सत्ता में नहीं आया!)। अगले कुछ महीनों के भीतर, ट्रम्प प्रशासन नए और कानूनी रूप से अनुमत टैरिफ निर्धारित और जारी करेगा, जो अमेरिका को फिर से महान बनाने की हमारी असाधारण रूप से सफल प्रक्रिया को जारी रखेगा – पहले से कहीं अधिक महान!!! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद”।
नील कात्याल ने डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर जताई नाराजगी
बता दें कि नील कत्याल वहीं व्यक्ति है, जिन्होंने ट्रंप टैरिफ के खिलाफ केस लड़ा और जीत हासिल की। वह भारतीय मूल के है। इसी बीच ट्रंप के 15 प्रतिशत टैरिफ पर नील कात्याल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “राष्ट्रपति के लिए 15 प्रतिशत के कानून (धारा 122) पर भरोसा करना मुश्किल लगता है, जबकि हमारे मामले में उनके न्याय विभाग ने न्यायालय को इसके विपरीत बताया था: “धारा 122 का यहाँ कोई स्पष्ट अनुप्रयोग नहीं है, क्योंकि राष्ट्रपति द्वारा आपातकाल घोषित करने के दौरान उठाई गई चिंताएँ व्यापार घाटे से उत्पन्न होती हैं, जो भुगतान संतुलन घाटे से वैचारिक रूप से भिन्न हैं।
Seems hard for the President to rely on the 15 percent statute (sec 122) when his DOJ in our case told the Court the opposite: “Nor does [122] have any obvious application here, where the concerns the President identified in declaring an emergency arise from trade deficits, which…
— Neal Katyal (@neal_katyal) February 21, 2026
यदि वे व्यापक टैरिफ लगाना चाहते हैं, तो उन्हें अमेरिकी परंपरा का पालन करते हुए कांग्रेस के पास जाना चाहिए। यदि उनके टैरिफ इतने अच्छे विचार हैं, तो उन्हें कांग्रेस को समझाने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। यही हमारा संविधान कहता है”।
