Donald Trump: एक तरफ मीडिल ईस्ट में लगातार जंग जारी है, तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति मानने के मूड में नहीं है। बता दें कि ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है, जो भारत समेत कई देशों की टेंशन बढ़ा सकता है। आलम यह है कि ट्रंप ने निर्देश देकर जांच बिठा दी है। डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने अमेरिका से व्यापार करने वाले 16 प्रमुख पार्टनर देशों के खिलाफ जांच बैठा दी है।
मालूम हो कि पिछले महीने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की तरफ से टैरिफ को अवैध करार दिया था, लेकिन इसके बाद भी ट्रंप ने टैरिफ कायम रखा था। बता दें कि अमेरिका के तरफ से कई देशों पर भारी भरखम टैरिफ लगाया गया था। चलिए आपको बताते है कि इस फैसले पर भारत पर कितना असर पड़ने वाला है?
Donald Trump के ऐलान से भारत समेत कई देशों की बढ़ी टेंशन
बुधवार को ट्रंप प्रशासन ने विदेशी देशों में विनिर्माण को लेकर एक नई व्यापार जांच शुरू की। यह कदम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा आर्थिक आपातकाल घोषित करते हुए लगाए गए टैरिफ के पूर्व उपयोग को रद्द करने के बाद उठाया गया है।
इस घोषणा में ट्रंप प्रशासन ने भारत सहित 16 अर्थव्यवस्थाओं को विशेष रूप से चिह्नित किया है। जिन देशों पर जांच बिठाई गई है वह है। वहीं जिन देशों पर जांच बिठाई गई है वह है – मेक्सिको, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, इंडोनेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, वियतनाम और बांग्लादेश शामिल है।
टैरिफ जांच से भारत पर कितना पड़ेगा असर?
बता दें कि टैरिफ जांच का साफ मतलब होता है कि अमेरिका जांच कर रहा है कि दूसरे देश से आने वाले सामान पर अतिरिक्त टैक्स (टैरिफ) लगाया जाए या नहीं। अभी खास तौर पर अमेरिका की नई जांच में भारत समेत कई देशों को शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि टेक्सटाइल और कपड़ा, जेम्स-ज्वेलरी, समुद्री उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान और सोलर उपकरण शामिल है।
यानि साफ है कि अगर जांच के बाद अमेरिका भारत पर टैरिफ बढ़ाता है, तो भारत की मुश्किलें बढ़ सकती है। मालूम हो कि अमेरिका के तरफ से पहले भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया गया था। जिसे बाद में उसे कम कर दिया गया।






