Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार तनाव बढ़ता जा रहा है, जिसने दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है। मालूम हो कि Donald Trump लगातार ईरान को धमकी दे रहे है। साथ ही वह लगातार कार्रवाई की बात कर रहे है। आलम यह है कि कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। माना जा रहा है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो सकती है। जिसमे भारत भी शामिल है। मालूम हो कि अभी भारत में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में करीब 1000 रूपये की बढ़ोतरी की गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि वह ईरान के नए 14 सूत्री शांति प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे, लेकिन उन्होंने इसकी संभावनाओं पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि तेहरान ने पिछले 47 वर्षों में अपने कार्यों के लिए अभी तक “पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है”। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि वह ईरान की योजना को “स्वीकार्य” होने की “कल्पना भी नहीं कर सकते”। जिसके बाद युद्ध का संकट गहरा गया है।
Donald Trump ने ईरान को दी धमकी
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने ट्रूथ सोशल पर एक ट्वीट किया और ईरान को खुली धमकी दी है। उन्होने लिखा कि “मैं जल्द ही ईरान द्वारा हमें भेजे गए प्लान की समीक्षा करूंगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगा क्योंकि उन्होंने पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसके लिए उन्हें अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकानी पड़ी है।
𝗗𝗼𝗻𝗮𝗹𝗱 𝗝. 𝗧𝗿𝘂𝗺𝗽 𝗧𝗿𝘂𝘁𝗵 𝗦𝗼𝗰𝗶𝗮𝗹 𝗣𝗼𝘀𝘁 – 𝟬𝟲:𝟰𝟳 𝗣𝗠 𝗘𝗦𝗧 𝟬𝟱.𝟬𝟮.𝟮𝟲
I will soon be reviewing the plan that Iran has just sent to us, but can’t imagine that it would be acceptable in that they have not yet paid a big enough price for what they have…
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) May 3, 2026
इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद”! इससे पहले भी ट्रंप ने ईरान को साफ शब्दों में कहा था कि वह उनके प्रस्ताव को नहीं मानेंगे।
ईरान ने किया पलटवार
एडीटीवी वर्ल्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी ने कहा है कि ट्रंप द्वारा ईरानी वार्ता प्रस्ताव से असंतुष्टि जताने के बाद अमेरिका के साथ युद्ध फिर से शुरू होने की “संभावना” है। मोहम्मद जाफर असदी के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों की हालिया कार्रवाइयां और बयान केवल “अपने द्वारा पैदा की गई गड़बड़ी से खुद को निकालने” के उद्देश्य से हैं।
उन्होंने स्थानीय मीडिया को बताया, “अमेरिकी अधिकारियों की कार्रवाइयां और बयान मुख्य रूप से मीडिया द्वारा प्रेरित हैं, जिनका पहला उद्देश्य तेल की कीमतों में गिरावट को रोकना और दूसरा अपने द्वारा पैदा की गई गड़बड़ी से खुद को निकालना है। सशस्त्र बल अमेरिकियों की किसी भी नई हरकत या मूर्खता के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।”
