US-Iran-Talks: अमेरिका-ईरान के बीच नहीं बनी बातचीत, भीषण युद्ध की तैयारी में अमेरिका! क्या दुनिया में फिर मचेगी अफरातफरी, जानें सबकुछ

US-Iran-Talks: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल होने से तनाव चरम पर पहुंच गया है। यूएस युद्ध की तैयारी तेज कर रहा है, जिससे वैश्विक संकट और अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।

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फाइल फोटो

US-Iran-Talks: अमेरिका-ईरान  के बीच होने वाली वार्ता एक बार फिर स्थिगित हो गई है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें अमेरिकी प्रतिनिध मंडल को वापस बुला  लिया। इससे पहले ईरान के विदेश  मंत्री ने साफ शब्दों में कहा था कि बातचीत को लेकर किसी प्रकार की बात नहीं हुई है। बातचीत कैंसिल होने के बाद अब कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या एक बार फिर भीषण युद्ध होने  जा रहा है। गौरतलब है कि अगर ऐसा होता है तो एक बार फिर कई देशों में  एनर्जी संकट गहरा सकता है। बता दें कि US-Iran-Talks को लेकर ट्रंप ने एक अहम जानकारी दी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

US-Iran-Talks के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दी प्रतिक्रिया

एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “मैंने अपने प्रतिनिधियों की पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरानियों से मुलाकात की यात्रा रद्द कर दी है।

यात्रा में बहुत समय बर्बाद होता, बहुत काम होता… किसी को नहीं पता कि सत्ता किसके हाथ में है, यहां तक ​​कि उन्हें भी नहीं। साथ ही, हमारे पास सारे अधिकार हैं, उनके पास कुछ नहीं! अगर वे बात करना चाहते हैं, तो उन्हें बस फोन करना होगा।”

ईरान को लेकर क्या बोले Donald Trump?

ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि “हम अकेले नहीं हैं। आप सभी देशों में हो रही भीषण हिंसा को देखिए। आज मैं दूसरे देश के किसी व्यक्ति से बात कर रहा था, और उनके यहाँ दुनिया भर में राजनीतिक हस्तियों की कई हत्याएँ हुई हैं… हम व्यापार और सैन्य शक्ति में दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं; हम दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना हैं… उदाहरण के लिए, हम ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते। अगर उन्हें कभी परमाणु हथियार मिल गया, तो उसके सामने सब कुछ तुच्छ लगेगा। वे इसका इस्तेमाल करेंगे; मार्को और मैं आज इसी बारे में बात कर रहे थे।

वे बिना किसी झिझक के इसका इस्तेमाल करेंगे। हम ऐसा नहीं होने दे सकते… यह मेरे कार्यकाल में होना ही नहीं था। यह संभव नहीं था। हमने इसे एक साल में कर दिखाया। और मैंने कहा, ‘हमें ईरान की यात्रा करनी होगी।’ अगर हम ऐसा नहीं करेंगे, तो उनके पास परमाणु हथियार होगा। हमने बी-2 बमवर्षकों से उन्हें मार गिराया… जब आप ऐसे काम करते हैं, तो आप निशाना बन जाते हैं। अगर मैं ऐसा नहीं कर रहा होता, तो शायद मैं इतना बड़ा निशाना नहीं होता। लेकिन मुझे इस बात का गर्व है।”

 

 

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