Flydubai Case: फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ1073) जब हवा में थी तब किसी को पता नहीं था कि कथित तौर पर को पायलट ही पायलट पर हमला कर प्लेन को क्रैश करने की कोशिश करेगा। निश्चित तौर पर सैकड़ो लोगों की जान पर बात आ सकती थी लेकिन जिस बहादुरी के साथ भारतीय मूल के कप्तान स्मिथ मच्छार ने इस पर नियंत्रण किया और यात्रियों के साथ क्रू मेंबर को बचाया उसकी दुनिया भर में तारीफ हो रही है। इस सबके बीच को पायलट जो ओमान का रहने वाला था उसे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की हिरासत में दे दिया गया है। वहीं इस सबके बीच ईरान को डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से सीधी चेतावनी दी गई है।
को पायलट का हवा में खूनी साजिश
फ्लाईदुबई केस की डिटेल्स की बात करें तो ओमान के को-पायलट ने उड़ान के दौरान भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। विमान को क्रैश करने की कोशिश की लेकिन हालात को कैप्टन ने कंट्रोल किया और घायल होने के बाद भी क्रू और बाकी यात्रियों की जान बचाई। इसके साथ ही सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई ।
UAE को क्यों सौंपा गया को पायलट
रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि सऊदी अरब में जांच और दोनों पायलटो के इलाज करवाने के बाद को पायलट को जांच के लिए यूएई को सौंप दिया है क्योंकि विमान वहीं से रजिस्टर्ड था। अब ऐसे में आगे यह देखना दिलचस्प होने वाला है कि आखिर को पायलट द्वारा किए गए इस हमले के पीछे असली वजह क्या थी और क्यों इस घटना को अंजाम देने की कोशिश की गई।
धमकी के बीच साजिश की तह तक जाएगा अमेरिका
वहीं इस सबके बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर इस प्लेन हादसे में किसी भी तरह से ईरान का लिंक पाया जाता है तो उसे हमले के लिए तैयार रहना पड़ेगा। अमेरिका की तरफ से करारा हमला किया जाएगा। यह जांच पर निर्भर करता है कि आखिर को पायलट ने क्यों यह हमला किया। आतंकी विचारधारा या फिर मानसिक संतुलन क्या है इसके पीछे की असली वजह जिसके लिए उसने सैकड़ो लोगों की जान लेने की कोशिश की।
