Gyanesh Kumar: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के काम में गड़बड़ी और SIR में धांधली को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है और इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इसी मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के चलते दिल्ली में BNSS (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इसकी वजह से राष्ट्रीय राजधानी में कई चीजें बाधित हो सकती है। निश्चित तौर पर इसकी वजह से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर मंतर पर हो रहे हैं प्रदर्शन के बीच कब और कैसे आपको सावधान रहने की जरूरत है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ क्या है धारा 163 का प्रभाव
धारा 163 लागू होने से एक ही जगह पर 5 या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति प्रदान नहीं दी गई है। इसके लिए पुलिस प्रशासन से पूछना अनिवार्य बताया गया है। इसके साथ ही विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी, जुलूस निकालने हथियार लेकर चलने की मनाही होगी। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे हैं इस प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा के पत्ते इंतजाम किए गए हैं। जहां जंतर-मंतर और लुटियंस दिल्ली के आसपास के इलाकों को बैरिकेडिंग करके सील कर दिया गया है तथा भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।
रास्ते और मेट्रो रूट को जर करें चेक
राजीव चौक, पटेल चौक, कनॉस्ट प्लेस, संसद मार्ग और टॉलस्टॉय मार्ग की ओर जाने वाले रास्तों पर यातायात नियंत्रित या डायवर्ट किया जा सकता है। ऐसे में दिल्ली ट्रैफिक का ध्यान रखते हुए इस रास्ते पर जाए। इसके साथ ही सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए कई मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं। जनपथ, पटेल चौक, राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय सहित आसपास के लगभग 11 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं।
क्यों हो रहा Gyanesh Kumar के खिलाफ हल्लाबोल
दरअसल जंतर मंतर पर हो रहे ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की बात करें तो विपक्षी दल और सीजेपी ने आंदोलन की शुरुआत की है है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के प्रबंधन में अनियमितताएं हुई हैं। उन्हें लेकर शिकायत है कि ज्ञानेश कुमार दो और चुनाव आयुक्त से राय मसवाड़ा किए बिना कोई भी फैसला लेते थे और अपनी मनमर्जी दिखाते थे। इसी वजह से उनके खिलाफ प्रदर्शन की शुरुआत हुई है।
