Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त और SIR गड़बड़ी को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है और ऐसे में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं इस सबके बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व केंद्रीय गृह सचिव आर. के. सिंह ने एक लंबे चौड़े पोस्ट को सोशल मीडिया पर शेयर कर सभी देशवासियों के नाम पर खुला पत्र लिखा है जहां उन्होंने कई सवाल खड़े किए हैं। इसके अलावा ज्ञानेश कुमार पर बड़ा आरोप लगाते हुए नजर आए। उन्होंने इस पोस्ट में कहा कि लोगों के नाम मतदाता सूची से कटकर लोकतंत्र का अधिकार उनसे छिना जा रहा है। आइए जानते हैं उन्होंने किस तरह अपनी बात रखी है।
देशवासियों को आरके सिंह का संदेश
सभी देशवासियों के नाम खुला पत्र
क्या आप चाहते हैं कि भारत एक लोकतंत्र बना रहे? यदि हाँ तो कृपया जागे और देखे। SIR – मतदाता सूचि के विशेष पुनरीदान – के नाम पर वोटरों को मतदाता सूची से काट कर लोकतंत्र पर प्रहार किया जा रहा है।
– विशेष पुनरीदान के नाम पर कानून का उल्लंघन कर अभी तक…— R. K. Singh (@RajKSinghIndia) September 29, 2026
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए एक पोस्ट में लिखा कि “सभी देशवासियों के नाम खुला पत्र, क्या आप चाहते हैं कि भारत एक लोकतंत्र बना रहे? यदि हाँ तो कृपया जागे और देखे। SIR – मतदाता सूचि के विशेष पुनरीदान – के नाम पर वोटरों को मतदाता सूची से काट कर लोकतंत्र पर प्रहार किया जा रहा है। विशेष पुनरीदान के नाम पर कानून का उल्लंघन कर अभी तक 13 करोड़ मतदाताओं को मतदाता सूची से निकला गया है। इनमे से 99 प्रतिशत गरीब भारतीय नागरिक है।”
ज्ञानेश कुमार के अधिकार पर सवाल
ज्ञानेश कुमार ने प्रमाण का भार उलट दिया है। यह भी कानून के विरुद्ध है। अब तक सभी सरकार और निर्वाचन आयोगों के प्रयास हमेशा रहा है कि सभी पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल किया जाए। यह लोकतंत्र को मजबूत करने और सभी नागरिकों को सशक्त बनाने का मिशन था। देश के इतिहास में यह पहली बार है कि पुनरीक्षण का मकसद अधिक से अधिक मतदाताओं को उनके मतदान के अधिकार से वंचित करना बन गया। ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म छे में एक नया परिशिष्ट (Appendix) जोड़ दिया। उन्हें ऐसा करने का अधिकार नहीं था, क्योंकि फॉर्म 6 वैधानिक नियमों के तहत निर्धारित है।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का सवाल
सवाल यह है कि ज्ञानेश कुमार ने ये सभी अवैध कार्य स्वतः किए या किसी ने उन्हें ऐसा करने का निर्देश दिया? विपक्ष का कहना है कि वह ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाएगा। यह व्यर्थ होगा। इसके लिए विपक्ष के पास आवश्यक संख्या नहीं है। यदि वास्तव में उन्हें निष्पक्ष चुनाव चाहिए, तो उन्हें ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध आपराधिक मामले दर्ज कराने चाहिए, तथा सभी विपक्षी दल एकजुट होकर निश्चय करें कि वे तब तक किसी भी चुनाव में भाग नहीं लेंगे, जब तक कि वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्त इस्तीफा नहीं देते और उनके उत्तराधिकारियों का चयन पिछली चयन प्रणाली के अनुसार नहीं किया जाता—जिसमें प्रधानमंत्री, प्रतिपक्ष के नेता और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शामिल हों।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मांग
उन्हें यह भी मांग करनी चाहिए कि जिन राज्यों में लाखों मतदाताओं की अपीलें लंबित रहते हुए चुनाव कराए गए, उन चुनावों को निरस्त किया जाए और नए चुनाव कराए जाए। यह भी माँग हो कि मतदान EVM के बजाय बैलेट पेपर से हो, क्योंकि अभी तक ऐसी कोई इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली नहीं बनाई गई है जिसे हैक न किया जा सके। यही कारण है कि विकसित देशों में EVM का उपयोग नहीं किया जाता।
आरके सिंह ने Gyanesh Kumar के खिलाफ विपक्ष को किया एकजुट
केंद्रीय मंत्री ने ज्ञानेश कुमार को लेकर आगे कहा कि यदि हम अपने लोकतंत्र को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो पूरे देश को जागरूक और एकजुट करना होगा। निर्वाचन आयुक्तों का चयन सत्तारूढ़ दल द्वारा नहीं, बल्कि एक निष्पक्ष चयन समिति द्वारा किया जाना चाहिए, ताकि उनकी निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। आइए, हम सब मिलकर लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हो। इसके साथ ही उन्होंने अभिजीत दीपके, कॉकरोच जनता पार्टी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, स्टालिन, तेजस्वी यादव और पवन खेड़ा को टैग किया है।
