Donald Trump: अमेरिका के साथ दुनिया के तमाम हिस्सों में एक ताजा तकरार को लेकर बहस छिड़ गई है। ये तकरार अमेरिका-ईरान या ईरान-इजरायल के बीच नहीं, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति और पोप लियो XIV के बीच है। ईसाई बहुल अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप और कैथोलिक चर्च के प्रमुख का यूं आमने-सामने आना कई संभावनाओं को जन्म दे रहा है। अमेरिका की 69 फीसदी से ज्यादा आबादी ईसाई है, बावजूद इसके डोनाल्ड ट्रंप पोप लियो XIV की आलोचना कर रहे हैं। इसको लेकर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी उनकी मुखालफत की है।
प्रेसिडेंट Donald Trump और पोप लियो XIV के बीच तकरार!
ईसाई बहुल अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप और पोप लियो XIV के बीच सीधी तकरार देखने को मिल रही है। कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप लियो ने पहले वेनेजुएला में तख्तापलट और फिर ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों की आलोचना की थी। इसके बाद प्रेसिडेंट ट्रंप का रुख बदला। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे अमेरिकी विदेश नीति पर हमला करार देते हुएकहा कि वे ऐसे पोप नहीं चाहते जो ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति दे। फिर पोप लियो XIV का पलटवार सामने आया। उन्होंने कहा कि वे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से नहीं डरते और गॉस्पेल का संदेश देते रहेंगे। ये सीधी तकरार को दर्शाता है।
ईरानी राष्ट्रपति के साथ इटली की पीएम भी खिलाफत में उतरीं!
पोप लियो XIV के खिलाफ टिप्पणी करने वाले डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। वैश्विक स्तर पर कई नेता उनकी आलोचना कर रहे हैं। इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने डोनाल्ड ट्रंप के शब्दों को अस्वीकार्य बताते हुए पोप को शांति का प्रतीक कहा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजश्कियन ने भी ट्रंप की आलोचना की है। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने डोनाल्ड ट्रंप का बचाव करते हुए वेटिकन से कहा कि उन्हें मेटर्स ऑफ मॉरेलिटी तक सीमित रहना चाहिए। इस पूरे मामले को लेकर दुनिया भर में चर्चा हो रही है और सुर्खियां बन रही हैं।
