India Crude Oil Import: वैश्विक मंच पर समीकरण तेजी से बदले हैं। भारत-अमेरिका के संबंधों की बात हो, या रूस, वेनेजुएला, ग्रीसलैंड और कनाडा में बदले समीकरण की। सभी वैश्विक परिदृश्य को प्रभावित कर रहे हैं। भारत-अमेरिका के मध्य ट्रेड डील पर भी अंतिम मुहर लग चुकी है। इसके बाद भारत का रुझान बदला है।
भारत अब अमेरिका या रूस की बजाय सऊदी अरब और इराक से कच्चे तेल का आयात बढ़ा रहा है। फरवरी माह के आंकड़े इस दावे को और बल दे रहे हैं। भारत द्वारा सऊदी अरब और इराक से कच्चे तेल का आयात बढ़ाने के कई खास मायने हैं। आइए हम आपको इस बदले समीकरण के साथ नए मायनों के बारे में बताते हैं।
रूस-अमेरिका को छोड़ सऊदी अरब और इराक से कच्चा तेल आयात कर रहा भारत!
आंकड़े इस बात का पुख्ता प्रमाण हैं कि भारत ने अपनी रणनीतियों में बदलाव लाया है। अब रूस या अमेरिका को छोड़ सऊदी अरब और इराक के प्रति भारत का झुकाव नजर आया है। आंकड़ों के मुताबिक फरवरी के पहले 10 दिनों में सऊदी अरब ने भारत को औसतन 11.3 लाख बैरल प्रति दिन कच्चा तेल भेजा है। वहीं रूस की ऑयल सप्लाई 10.9 लाख बीपीडी रही।
जनवरी में ये आंकड़े कुछ और गवाही दे रहे थे। नए साल के शुरुआती महीने में भारत ने रूस से 11.4 लाख बीपीडी, इराक से 10.3 लाख बीपीडी और सऊदी अरब से करीब 7.74 लाख बीपीडी कच्चा तेल आयात किया था। हालांकि, ट्रेड डील के बाद रुझान बदला है और भारत अमेरिका या रूस को छोड़ सऊदी अरब से आयात बढ़ा रहा है। ये संकेत है कि कच्चे तेल के लिए भारत की रूस पर निर्भरता कम हो रही है।
भारत के बदलते के मायने क्या?
कच्चा तेल आयात करने के मामले में भारत अब रूस के बजाय सऊदी अरब और इराक को विकल्प के तौर पर देख रहा है। भारत में 90 फीसदी कच्चा तेल आयात किया जाता है जो कि बड़ा आंकड़ा है। अमेरिका ने रूसी तेल आयात के बदले अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा की थी जो अब कम हुई है। इन सारे समीकरण को साधकर भारत सधी चाल चल रहा है।आलम ये है कि फरवरी माह में सऊदी अरब और इराक के साथ कच्चे तेल का आयात बढ़ा है।
सऊदी के पास अतिरिक्त उत्पादन की क्षमता है। आवश्यकता अनुसार सऊदी तेजी से सप्लाई बढ़ा सकता है। इराक में भी कच्चे तेल का भंडार है। इसी क्रम में भारत सधी चाल चलते हुए कच्चे तेल की आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने पर जोर दे रहा है। ताकि हर परिस्थिति में देश के पास विकल्पों की भरमार हो और कच्चे तले की आपूर्ति न प्रभावित हो सके। यही वजह है कि इसके खास मायने बताए जा रहे हैं।






