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Ravi River Water: पाकिस्तान के लिए भारी पड़ेगी चिलचिलाती गर्मी! भारत के इस कदम से पानी की बूंद-बूंद को तरसेगा पड़ोसी मुल्क

Ravi River Water: पाकिस्तान के लिए इस वर्ष की चिलचिलाती गर्मी भारी पड़ सकती है। भारत अब रावी नदी के अतिरिक्त जल को पंजाब और जम्मू-कश्मीर की ओर मोड़ने की योजना बना रहा है। इससे पड़ोसी मुल्क में पानी की किल्लत और बढ़ सकती है।

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By: Gaurav Dixit

Published: फ़रवरी 18, 2026 3:11 अपराह्न

Ravi River Water
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Ravi River Water: पड़ोसी मुल्क को कई मोर्चे पर पटखनी दे चुका भारत एक और मारक योजना बना रहा है। जानकारी के मुताबिक भारत अब रावी नदी के अतिरिक्त पानी को पाकिस्तान जाने से रोक सकता है। यदि ऐसा हुआ तो चिलचिलाती गर्मी में पड़ोसी मुल्क के लोग बूंद-बूंद के लिए तरस उठेंगे।

भारत पहले ही सिंधु जल संधि को रद्द कर पाकिस्तान को करारा झटका दे चुका है। ऐसे में यदि रावी नदी का अतिरिक्त जल पाकिस्तान के हाथों से निकला, तो मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। व्यवसाय से लेकर कृषि और पेय तक के लिए पड़ोसी मुल्क के लोग रावी नदी पर निर्भर हैं। इससे पीएम शहबाज शरीफ की सरकार बैकफुट पर आ सकती है।

भारत के इस कदम से पानी की बूंद-बूंद को तरसेगा पड़ोसी मुल्क

पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के लिए इस वर्ष की चिलचिलाती गर्मी भारी पड़ने वाली है। इसको लेकर भारत सधी प्लानिंग कर रहा है। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर में शाहपुर कांडी बांध परियोजना को रफ्तार दी जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के कठुआ और सांबा जिलों में फसलों की सिंचाई को सुलभ बनाना है। इस परियोजना के तहत भारत रावी नदी के अतिरिक्त पानी को पंजाब को जम्मू-कश्मीर की ओर मोड़ देगा।

इससे रावी नदी के निचले हिस्से में स्थित पाकिस्तान को पहुंचने वाला पानी रुक जाएगा। ऐसी स्थिति में पड़ोसी मुल्क में जल संकट का होना सामान्य है। जम्मू-कश्मीर की सरकार में मंत्री जावेद अहमद राणा की देख-रेख में शाहपुर कांडी बांध परियोजना को गति दी जा रही है। आसार जताए जा रहे हैं इसी वर्ष गर्मी से पहले परियोजना की शुरुआत हो सकती है। इससे पाकिस्तान की ओर जाने वाली रावी नदी का अतिरिक्त पानी पंजाब और जम्मू-कश्मीर की ओर बढ़ जाएगा। फिर पाकिस्तान को चिलचिलाती गर्मी में बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ेगा।

सिंधु जल संधि रद्द कर पहले पाकिस्तान की कमर तोड़ चुका है भारत!

अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने साफ कर दिया था कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते। इसको मद्देनजर रखते हुए सिंधु जल संधि रद्द कर दिया गया। इस संधि के रद्द होने के बाद पाकिस्तान को आवंटित की गई सिंधु, झेलम और चिनाब नदी का रुख भी बदला। भारत ने जम्मू-कश्मीर में कई जलविद्युत परियोजनाओं को रफ्तार दी। इसमें सावलकोट, रैटल, पकल दुल, क्वार, किरू, कीरथाई-I जैसी परियोजनाएं हैं।

इन परियोजनाओं की मदद से सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज जैसी नदियों का पानी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी बीच शाहपुर कांडी बांध परियोजना को भी रफ्तार मिली है जो रावी नदी का अतिरिक्त जल इस्तेमाल करने के काम आएगी। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के लिए चिलचिलाती गर्मी का सामना करना बड़ी चुनौती साबित होने वाली है। दावा किया जा रहा है कि रावी नदी के अतिरिक्त जल का रुकना पाकिस्तान के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा।

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Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
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