Jamaat e Islami Bangladesh: अमेरिका की नई चाल से भारत में हड़कंप, बांग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी और यूएस डिप्लोमेट की सीक्रेट मीटिंग ने बढ़ाई टेंशन; जानें सबकुछ

Jamaat e Islami Bangladesh: बांग्लादेश और भारत के बीच अमेरिका की एंट्री हो गई है, जिसने इंडिया की टेंशन बढ़ा दी है।

India Bangladesh Relation: बांग्लादेश और भारत के बीच रिश्तें निचले स्तर पर पहुंच चुके है। हिंदुओं की लगातार हत्या से पड़ोसी मुल्क में दिक्कतें लगातार बढ़ती जा रही है, स्थिति बेहद चिंताजनक बन गई है। वहीं अब बांग्लादेश और भारत के बीच अमेरिका की एंट्री हो गई है, जिसने भारत की टेंशन और बढ़ा दी है। मालूम हो कि बांग्लादेश में फरवरी में चुनाव होने है। रिपोर्टस के मुताबिक इससे पहले जमात-ए-इस्लामी और अमेरिकी अधिकारियों के बीच एक गुप्त बैठक हुई है। मालूम हो कि जमात-ए-इस्लामी वही पार्टी है, जिसने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम का विरोध किया था और जिस पर लंबे समय तक प्रतिबंध लगा रहा। हालांकि फरवरी में होने वाले चुनाव में जमात-ए-इस्लामी पार्टी भी हिस्सा ले रही है। वहीं अब अमेरिकी अधिकारियों और जमात-ए-इस्लामी के बीच गुप्त बैठक ने एक अलग तरह की बहस छेड़ दी है।

अमेरिका की नई चाल से भारत में हड़कंप – Jamaat e Islami Bangladesh

गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के रिश्तें में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वहीं अगर बांग्लादेश की बात करें तो मोहम्मद युनूस की अंतरिम सरकार जब से बांग्लादेश में आई है, वह लगातार भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे है। वहीं अब बांग्लादेश में अमेरिका की एंट्री ने टेंशन बढ़ा दी है। NEWS18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक 1 दिसंबर को बांग्लादेशी महिला पत्रकारों के साथ एक ऑफ-द-रिकॉर्ड मीटिंग में अमेरिकी डिप्लोमेट ने कहा कि बांग्लादेश ‘धीरे-धीरे इस्लामिक शिफ्ट’ की ओर बढ़ रहा है और आगामी 12 फरवरी के चुनावों में जमात-ए-इस्लामी अपने अब तक के सबसे अच्छे प्रदर्शन की ओर बढ़ सकती है. इस दौरान डिप्लोमेट ने यहां तक कहा कि अमेरिका चाहता है कि जमात उसके ‘दोस्त’ बने। यानि यह साफ है कि अमेरिका बांग्लादेश में कुछ बड़ा करने जा रहा है, और अगर जमात-ए-इस्लामी सरकार में आती है, तो भारत के लिए यह किसी चिंता से कम नहीं होगा।

क्या भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तें और होंगे खराब

भारत और बांग्लादेश के रिश्तें में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं अब अमेरिका की एंट्री ने भारत की टेंशन बढ़ा दी है। क्योंकि जमात-ए-इस्लामी भारत का विरोधी रहा है। वहीं अगर एक बार फिर अगर जमात-ए-इस्लामी की सरकार आती है, औरक अमेरिका उनसे दोस्ती कर लेता है, तो हो ना हो भारत के लिए एक चिंता का विषय है, क्योंकि भारत का पड़ोसी देश बांग्लादेश है, और अगर अमेरिका बांग्लादेश अपनी सैन्य ठिकाना बनाता है, तो भविष्य के लिए भारत को नुकसान होने की उम्मीद है, क्योंकि शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद ऐसाा लग रहा है कि बांग्लादेश बिल्कुल भारत के खिलाफ हो गया है। हालांकि अब देखना होगा कि भारत की आगे की रणनीति क्या रहती है।

 

 

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