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Khawaja Asif: ‘इस्तेमाल कर फेंक दिया..,’ रक्षा मंत्री ने टॉयलेट पेपर से की PAK की तुलना, बताया कैसे US ने इशारों पर नचाया

Khawaja Asif

Picture Credit: गूगल (ख्वाजा आसिफ - सांकेतिक तस्वीर)

Khawaja Asif: पड़ोसी मुल्क के रक्षा मंत्री ने फिर एक बार ग्लोबल मंच पर पाकिस्तान को बेइज्जत किया है। दरअसल, ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तानी संसद के अंदर ऐसी बात कह दी है जो वैश्विक मंच पर चर्चा का विषय है। ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान की तुलना टॉयलेट पेपर से किया है जिसे इस्तेमाल कर फेंक दिया जाता है।

रक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान को अमेरिका द्वारा इस्तेमाल किया गया और फिर कचरे की तरह फेंक दिया गया। ये दर्शाता है कि कैसे पड़ोसी मुल्क कठपुतली की तरह अमेरिका के इशारों पर नाचता रहा है। ख्वाजा आसिफ के इस बयान को लेकर मुल्क की जगहंसाई हो रही है। इसके साथ ही पीएम शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर मुंह छिपाए फिर रहे हैं।

रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने टॉयलेट पेपर से की पाकिस्तान की तुलना

पाकिस्तानी संसद में बोलते हुए ख्वाजा आसिफ ने अपने मुल्क की तुलना टॉयलेट पेपर से कर दी। अतीत की गलतियों का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने बताया कि कैसे अमेरिका पाकिस्तान को अपने इशारों पर नचाता था। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि “1999 के बाद पाकिस्तान द्वारा एक बार फिर वाशिंगटन के साथ गठबंधन करने का निर्णय, विशेष रूप से अफगानिस्तान के संबंध में, देश को नुकसान पहुंचाने का कारण बना।”

आसिफ ने आगे जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ पर पाकिस्तान को बाहरी युद्धों में उलझाने का आरोप लगाया। उन्होंने इसके दुष्परिणाम अभी तक भुगतने की बात कर अतीत की गलतियों का जिक्र किया। टॉयलेट पेपर से अपने मुल्क की तुलना करते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि हमारा उपयोग कर फिर फेंक दिया गया। ख्वाजा आसिफ की ये टिप्पणी खूब खबरों में है।

अमेरिका के इशारों पर नाचता था पाकिस्तान!

ख्वाजा आसिफ द्वारा ये स्वीकारना कि अमेरिका ने पाकिस्तान को टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया कई बातों की ओर इशारा करता है। ये दर्शाता है कि पाकिस्तान कठपुतली था जिसे अमेरिका अपने इशारों पर नचाता था। इतना ही नहीं, पाकिस्तान से अमेरिका द्वारा बद से बद्तर व्यवहार किया जाना मुल्क की दौ कौड़ी के भाव का संकेत है।

दुनिया में फजीहत झेल चुके पाकिस्तान की वास्तविक स्थिति आज भी वही है। अमेरिका आज भी मुनीर के सहारे पाकिस्तान को अपने इशारों पर नचाता है। हालांकि, ख्वाजा आसिफ को याद बस अतीत की आई है। उन्होंने वर्तमान को छोड़ अतीत के पन्ने पलटते हुए 1999 की गलती का जिक्र किया है और बताया है कि कैसे अमेरिका मुल्क को इशारों पर नचाता था।

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