Khokon Chandra Das: पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश के शरियतपुर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। बीते दिनों कट्टरपंथियों द्वारा किए गए हमले की भेंट चढ़े हिंदू व्यवसायी खोकन चंद्र दास की मौत हो गई है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक खोकन चंद्र दास ने आज अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।
कुछ दिनों से जिंदगी-मौत की लड़ाई लड़ रहे हिंदू व्यवसायी खोकन चंद्र दास आज आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए हैं। बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी की मौत के बाद फिर एक बार उबाल की स्थिति है। मोहम्मद यूनुस की सरकार नए सिरे से सवालों में घिर रही है और अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल तेजी से उठ रहे हैं।
आखिरकार जिंदगी की जंग हार गए Khokon Chandra Das
कुछ दिनों पहले ही बांग्लादेश के शरियतपुर में कट्टरपंथियों की भेंट चढ़े हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास जिंदगी की जंग हार गए हैं। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली है। 50 वर्षींय खोक चंद्र दास को हमले के बाद गंभीर हालत में ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनका इलाज जारी था। हालांकि, अंतत: वो जिंदगी की जंग हार गए और मौत की भेंट चढ़ गए जिसके बाद स्थानीय हिंदुओं में रोष का भाव देखने को मिल रहा है।
फिर घिरी यूनुस की अंतरिम सरकार
पहले दीपू चंद्र दास, फिर अमृत उर्फ सम्राट मंडल, ब्राजेन्द्र विश्वास और अब खोकन चंद्र दास। ये चारों ऐसे नाम हैं जो एक-एक कर बांग्लादेश में कट्टरपंथ की भेंट चढ़ते गए और इनकी मौत हो गई। इसको लेकर यूनुस सरकार लगातार घिर रही है। खोकन चंद्र दास को हमले के बाद ढ़ाका मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।
आज अंतत: उन्होंने भी दम तोड़ दिया और अस्पताल में अंतिम सांस ली। इसके बाद यूनुस सरकार फिर सवालों के घेरे में है। सवाल वही हैं आखिर हिंदुओं पर अत्याचार का सिलसिया कब थमेगा? बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा कब तक सुनिश्चित की जाएगी? ऐसे तमाम सवाल हैं जो खोकन चंद्र दास की हत्या के बाद एक बार फिर बांग्लादेशी अंतरिम सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
