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क्या उन्हें जीने का अधिकार नहीं? बांग्लादेश में एक और हिंदू पर जानलेवा हमले के बाद घिरी यूनुस सरकार, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उठे सवाल

Khokan Chandra Das पर हुए जानलेवा हमले के बाद यूनुस सरकार की भूमिका सवालों के घेरे में है। पहले दीपू चंद्र दास की हत्या, फिर दो अन्य हिंदुओं की हत्या के बाद एक अन्य पर जानलेवा हमला बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रहा है।

Khokan Chandra Das
Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Khokan Chandra Das: पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी है। खालिदा जिया के निधन के बाद सियासी पारा चढ़ा ही था कि वर्ष 2025 के अंतिम दिन एक और हिंदू पर जानलेवा हमले की खबर सामने आई। मुल्क के शरीयतपुर में खोकोन चंद्र दास पर कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित लोगों ने हमला किया। पहले धारदार हथियार से मारने की कोशिश हुई फिर खोकोन चंद्र दास पर पेट्रोल छिड़क कर उन्हें आग के हवाले किया गया। हालांकि, पीड़ित ने जैसे-तैसे भागकर अपनी जान बचाई। इससे पहले दीपू चंद्र दास, सम्राट मंडल और बृजेंद्र बिस्वास की बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों में हत्या हो चुकी है। यही वजह है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार इस पूरे प्रकरण को लेकर घिर रही है।

बांग्लादेश में एक और हिंदू पर जानलेवा हमले के बाद घिरी यूनुस सरकार

दिसंबर का महीना बांग्लादेश में भारी उठा-पटक का गवाह रहा है। इस माह में जहां एक ओर मुल्क में शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद हिंसा हुई, तो वहीं दूसरी ओर कई हिंदू भी कट्टरपंथियों के निशाने पर आए। 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास, 24 दिसंबर को अमृत उर्फ सम्राट मंडल, 30 दिसंबर को बृजेंद्र बिस्वास की हत्या हुई। फिर 31 दिसंबर को खोकोन चंद्र दास पर जानलेवा हमला हुआ जिसको लेकर मोहम्मद यूनुस की सरकार घिर रही है। जिस अंतरिम सरकार पर मुल्क चलाने की जिम्मेदारी है। उसके संरक्षण में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर लगातार हमला शासन की भूमिका को संदिग्ध के घेरे में डालता है। यही वजह है कि बांग्लादेश से लेकर दुनिया के अन्य तमाम देशों में यूनुस सरकार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह?

बांग्लादेश में लगातार अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहा हमला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा कर रहा है। पूर्व में भी तख्तापलट के बाद कई हिंदू मंदिरों पर निशाना, हिंदू परिवार पर हमला और घरों को आग लगाने की घटना सामान्य रही है। इधर दिसंबर 2025 में 3 हिंदुओं की हत्या और एक पर जानलेवा हमला भी अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। इसको लेकर ढ़ाका से राजशाही, सिलहट तक सुर्खियों का बाजार गर्म है और यूनुस सरकार की भूमिका सवालों के घेरे में है।

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