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Pakistan Afghanistan Conflict: क्या पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच शुरू हुआ भीषण युद्ध, बलूचों के ऐलान से मुल्ला मुनीर की बढ़ी टेंशन

Pakistan Afghanistan Conflict

फाइल फोटो

Pakistan Afghanistan Conflict: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू हो चुका है, जिससे अब कयासों का बाजार गर्म हो गया है कि क्या दोनों देशों के बीच भीषण युद्ध शुरू होने वाला है और अगर होता है तो यह लड़ाई कितने दिन चलेगी। वहीं दूसरी तरफ बलूचों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि पाकिस्तान लगातार यह दावा कर रहा है कि उसने अफगानिस्तान में बड़ी संख्या में तबाही मचाई है।

अफ़गान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि “पाकिस्तानी सैन्य हलकों द्वारा बार-बार सीमा उल्लंघन और उकसावों के जवाब में, डूरंड रेखा के साथ स्थित पाकिस्तानी सैन्य केंद्रों और अर्धसैनिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ व्यापक पूर्वव्यापी अभियान शुरू किए गए हैं। हे अल्लाह, मुजाहिदीनों को हर जगह विजय प्रदान कर”!

क्या पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच शुरू हुआ भीषण युद्ध

पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों ही तरफ से लगातार गोलीबारी जारी है। बता दें कि पाकिस्तान द्वारा की गई एयरस्ट्राइक के जवाब में तालिबान ने पाक के एफ-16 फाइटर जेट मार गिराया है। दोनों देशों में सीमा पर तेज झड़प शुरू हो गई है। जिसके बाद सवाल उठना शुरू हो गया है कि क्या पाक और अफगान के बीच भीषण युद्ध होने जा रहा है।
तालिबानियों का कहना है कि उसने पाकिस्तान की दर्जनों सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है। तालिबान द्वारा किए जा रहे है कार्रवाई से मुल्ला मुनीर और शहबाज शरीफ की टेंशन बढ़ गई है। युद्ध के बीच पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने अफगान और तालिबान को कड़ी चेतावनी दी है।

पाकिस्तान के खिलाफ बलूचों ने खोला मोर्चा

बलूच लीडर मीर यार बलूच ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “बलूचिस्तान गणराज्य अफगानिस्तान के साथ खड़ा है। हम बलूचिस्तान के जल, सतह और हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण करने के लिए तैयार हैं। अफगानिस्तान को पश्तूनिस्तान के क्षेत्रों पर नियंत्रण करने और स्वतंत्र बलूचिस्तान गणराज्य में अपना दूतावास स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया जाता है।

हम जल्द ही काबुल में बलूचिस्तान का दूतावास स्थापित करेंगे। बलूचिस्तान गणराज्य काबुल के साथ खड़ा है। ब्रिटिश परियोजना ‘पाकिस्तान’ को समाप्त करने का समय आ गया है, जो हमारे पूरे क्षेत्र के लिए एक बोझ बन चुकी है”।

 

 

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