Pakistan Fuel Crisis: पड़ोसी मुल्क में ईंधन संकट और तीव्रता से गहराता नजर आ रहा है। इसका पुख्ता प्रमाण पीएम शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली हुकूमत की ओर से जारी एक एडवाइजरी है। दरअसल, पाकिस्तान में ईंधन की आसमान छूती कीमतों के बीच एयरपोर्ट अथॉरिटी ने विदेशी एयरलाइंस से यहां से फ्यूल न लेने की बात कही है।
ये दर्शाता है कि पाकिस्तान फ्यूल क्राइसिस किस कदर मुल्क को प्रभावित कर रहा है। आलम ये है कि अब हुकूमक विदेशी एयरलाइन्स के समक्ष ईंधन के अभाव का रोना रोते हुए घिघिया रही है। तेल की बूंद-बूंद को मोहताज पाकिस्तान की ये स्थिति देख लोग जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
गहराते ईंधन संकट के बीच बैकफुट पर पाकिस्तानी हुकूमत!
मुल्क में गहराते ईंधन संकट के बीच पीएम शहबाज के नेतृत्व वाली पाकिस्तानी हुकूमत बैकफुट पर है। इसका पुख्ता प्रमाण पाकिस्तानी एयरपोर्ट अथॉरिटी की एक एडवाइजरी है। इसमें विदेशी एयरलाइन्स को पाकिस्तान से ईंधन न लेने की बात कही गई है। अथॉरिटी की ओर से कहा गया है कि पाकिस्तान आने वाले फ्लाइट्स में आने और वापस जाने के लिए पर्याप्त फ्यूल होना चाहिए।
ईंधन की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी करने वाला मुल्क अब विदेशी एयरलाइन्स को ईंधन देने तक से कतरा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी की ये नोटिस पाकिस्तान की कंगाली का प्रमाण है। ये दर्शाता है कि कैसे पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष ने पाकिस्तानी हुकूमत को बैकफुट पर ला दिया है। इसको लेकर पड़ोसी मुल्क की खूब आलोचना हो रही है।
बेतहाशा महंगाई ने तोड़ी पाकिस्तानी आवाम की रीढ़!
पड़ोसी मुल्क में बेतहाशा महंगाई ने आवाम की रीढ़ तोड़ डाली है। पश्चिम एशिया में छिड़ी प्रभुत्व की जंग के बीच पाकिस्तान पर इसका बुरा असर पड़ता नजर आया है। कच्चे तेल समेत कई आवश्यक वस्तुओं का आयात प्रभावित हुआ है जो पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल रहा है। इसी बीच कंगाली की मार झेल रही हुकूमत ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि कर इसे क्रमश: 321.17 व 335.86 पाकिस्तानी रुपए प्रति लीटर कर दिया।
आलम ये है कि ईंधन की बढ़ती कीमतों ने ट्रांशपोर्टेशन से लेकर अन्य तमाम लागत को प्रभावित किया है। इसका असर आम जनजीवन पर बुरी तरह से पड़ा है। पाकिस्तानी आवाम दो वक्त की रोटी के लिए जद्दोजहद करती नजर आ रही है। अंदरखाने मुल्क में पीएम शहबाज के खिलाफ विद्रोह की आवाज भी उठ रही है। बेतहाशा महंगाई के बीच ईंधन संकट ने पाकिस्तान को कंगाल कर दिया है जिसके कारण भारी बेइज्जती हो रही है।






