Pakistan News: बेतहाशा महंगाई ने पड़ोसी मुल्क की रीढ़ तोड़ डाली है। आलम ये है कि दो वक्त की रोटी के लिए पाकिस्तानी आवाम को जद्दोजहद़ करनी पड़ रही है। मुल्क में ईंधन संकट पहले से ही अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है। अब खबर है कि गर्मियों में पाकिस्तान को बिजली संकट का सामना भी करना पड़ सकता है।
मुल्क पर गहराते बिजली संकट को देख हुकूमत के पसीने जरूर छूट रहे होंगे। दरअसल, चीन ने पीएम शहबाज शरीफ को धमकी देते हुए यूनाइटेड एनर्जी पाकिस्तान का बकाया भुगतान करने की बात कही है। ऐसा न होने की स्थिति में यूईपी कंपनी का काम-काज रुक सकता है और पाकिस्तान में बिजली की आपूर्ति बाधित हो सकती है।
ईंधन के बाद मुल्क पर बिजली संकट गहराता देख छूट गए हुकूमत के पसीने
पाकिस्तान में ईंधन के गहराते संकट से दुनिया वाकिफ है। वीकेंड पर बाजार बंदी, वाहनों के संचालन पर रोक की अपील, पाकिस्तानी एयरपोर्ट अथॉरिटी का विदेशी एयरलाइन्स से निवेदन समेत तमाम उदाहरण हैं जो मुल्क में ईंधन संकट का पुख्ता प्रमाण हैं। इसी बीच अब बिजली संकट की आशंका व्यक्त की जाने लगी है।
भीषण गर्मियों से पहले पाकिस्तानी राजदूत ने बिजली आपूर्ति करने वाली चीनी कंपनी को भुगतान करने की अपील की है। ‘द न्यूज’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक यदि पाकिस्तान ने बकाया बिजली बिल का भुगतान चीन को नहीं किया, तो गर्मियों में कंपनी का काम-काज ठप पड़ सकता है। इसका सीधा असर विद्युत आपूर्ति पर पड़ने की आशंका है।
ऐसी स्थिति में इस्लामाबाद से पावलपिंडी, कराची, मुजफ्फराबाद तक गर्मी के मौसम में हाहाकार मच सकती है। लोग भीषण गर्मी में विद्युत कटौती से परेशान हो सकते हैं। साथ ही तमाम व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के प्रभावित होने की आशंका है जो सीधे तौर पर कंगाल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को और चोट पहुंचाने का काम करेगी।
चीन की करारी धमकी से बैकफुट पर पाकिस्तान
पड़ोसी मुल्क चीन की ताजा धमकी से बैकफुट पर है। चीन ने साफ किया है कि पाकिस्तान को जल्द से जल्द यूनाइटेड एनर्जी पाकिस्तान (UEP) का बचा हुए भुगतान करना होगा। ये तकरीबन 220 मिलियन डॉलर यानी 20250 करोड़ रुपए होगा। ऐसा न कर पाने की स्थिति में पाकिस्तान फॉरेन इनवेस्टमेंट से हाथ धो सकत है।
ड्रैगन ने पड़ोसी मुल्क को जल्द से जल्द बकाया रकम का भुगतान करने की धमकी दी है। समय पर भुगतान न करने पर चीन ने इंटरनेशनल इनवेस्टर्स का भरोसा टूटने की बात कही है। इसके साथ ही भविष्य में इनवेस्टमेंट के रास्ते बंद होने की चेतावनी भी दी है। कंगाल पाकिस्तान के हुक्मरान चीन की ताजा धमकी सुन बेचैन हो उठे हैं।
