PM Modi: दुनिया में जारी एनर्जी संकट के बीच भारत के प्रधानमंत्री अपने 5 दिवसीय दौरे पर है। इसी बीच उन्होंने नीदरलैंड में एक ऐसी बात कही, जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। दरअसल उन्होंने नीदरलैंड में अपने एक संबोधन में कहा कि अगर स्थिति ऐसी ही रहती है तो एक बार फिर गरीबी वापस आ सकती है, जो करोड़ों लोगों को प्रभावित करेंगी।
उन्होंने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यह दुनिया के लिए अच्छे संकेत नहीं है। उन्होंने निष्क्रियता के परिणामों के बारे में स्पष्ट चेतावनी जारी की, जो एक चिंता का विषय है। इससे पहले उन्होंने साफ तौर पर भारत के लोगों से अपील की थी कि पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम से कम करें, सोने की खरीदारी करने से बचे और विदेश की यात्रा करने से पहले थोड़ा सोच समझे लें। आईए समझते है कि क्या है इसके मायने।
PM Modi की चेतावनी से मचा हड़कंप
दरअसल नीदरलैंड में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए PM Modi ने अभी तक की सबसे डराने वाली चेतावनी दी है। जिसने भारत में हलचल मचा दी है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि “दुनिया नई चुनौतियों का सामना कर रही है। पहले कोरोना वायरस महामारी आई; फिर युद्ध छिड़ने लगे, और अब ऊर्जा संकट है। यह दशक दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर इन स्थितियों में तेजी से बदलाव नहीं आया, तो “पिछले कई दशकों की उपलब्धियां व्यर्थ हो जाएंगी, और दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा फिर से गरीबी में धकेल दिया जाएगा।”
क्या भारत में फिर बढ़ेगी गरीबी?
PM Modi की चेतावनी के बाद सवाल उठ रहा है कि भारत पर इसका कितना असर पड़ने वाला है? विशेषज्ञों के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। हालांकि चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन स्थिति 1990 या उससे पहले जैसी नहीं मानी जा रही। सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया और रोजगार योजनाओं पर काम कर रही है।
हालांकि अगर स्थिति ऐसी ही रहती है तोरोजगार के अवसर कम हो जाएंगे, महंगाई आमदनी से ज्यादा तेजी से बढ़ सकती है। निवेश और उद्योग धीमे पड़ने की उम्मीद है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होने की उम्मीद है। हालांकि यदि इन क्षेत्रों पर समय रहते नियंत्रण रखा जाए तो भारत आर्थिक संकट से बच सकता है।
