RBI Monetary Policy Meeting: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच RBI Monetary Policy Meeting की बैठक संपन्न हो गई है और इसके नतीजे जारी कर दिए गए है। जिसमे रेपो रेट को स्थिर रखा गया है। यानि पिछली बार की तरफ रेपो रेट 5.25 ही रहा गया है। इसके बीच मीडिल ईस्ट में जारी तनाव के बाद अनुमानित डीजीपी ग्रोथ को लेकर एक आरबीआई गवर्नर ने अहम जानकारी दी है। मौद्रिक नीति समिति ने नीतिगत रेपो दर को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने और तटस्थ रुख बनाए रखने का निर्णय लिया है। यह लोन धारकों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है। चलिए आपको बताते है कि मीटिंग की कुछ प्रमुख बातें।
युद्ध के बीच रेपो रेट स्थिर
मीटिंग के बाद आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की तरफ से महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा गया है कि “मौद्रिक नीति समिति ने 6, 7 तारीख को और आज सुबह संक्षिप्त रूप से बैठक की, जिसमें नीतिगत रेपो दर पर विचार-विमर्श और निर्णय लिया गया।
#WATCH | RBI Governor Sanjay Malhotra says, “The Monetary Policy Committee met on 6th, 7th and briefly today in the morning to deliberate and decide on the policy repo rate. After a detailed assessment of the evolving macroeconomic and financial developments and the outlook, the… https://t.co/2RCdmS3YEO pic.twitter.com/vrFlBCnX85
— ANI (@ANI) April 8, 2026
बदलते व्यापक आर्थिक और वित्तीय परिदृश्यों और भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत आकलन करने के बाद, एमपीसी ने सर्वसम्मति से तरलता सुविधा के तहत नीतिगत रेपो दर को 5.25% पर अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया। परिणामस्वरूप, एसटीएफ दर 5% और एमएसएफ दर तथा बैंक दर 5.5% पर बनी हुई है। एमपीसी ने तटस्थ रुख जारी रखने का भी निर्णय लिया”।
जीडीपी वृद्धि में भी बड़े उलटफेर की उम्मीद
आरबीआई गवर्नर ने संभावित जीडीपी ग्रोथ को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि “प्रमुख शिपिंग मार्गों में व्यवधान, माल ढुलाई और बीमा लागत में वृद्धि और संघर्ष के कारण वैश्विक मांग में कमी से माल निर्यात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, हाल ही में हुए व्यापार समझौतों से माल निर्यात को लाभ हो सकता है, जिनमें से कई पर पिछले वर्ष हस्ताक्षर किए गए थे, कुछ अब लागू हो रहे हैं और अन्य के इस वर्ष चालू होने की उम्मीद है, जबकि सेवा निर्यात के स्थिर रहने की उम्मीद है।
#WATCH | RBI Governor Sanjay Malhotra says, “… On the external front, merchandise exports could be adversely impacted by disruptions to key shipping routes, the concomitant rise in freight and insurance costs and lower global demand on account of the conflict. However,… pic.twitter.com/Eo29Ud46Id
— ANI (@ANI) April 8, 2026
इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, इस वर्ष वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.9% रहने का अनुमान है, जिसमें पहली तिमाही में 6.8%, दूसरी तिमाही में 6.7%, तीसरी तिमाही में 7% और चौथी तिमाही में 7.2% रहने का अनुमान है”।
स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज पर भी गवर्नर ने दी प्रतिक्रिया
संजय मल्होत्रा ने आगे कहा कि “पिछले वर्ष की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.6% रहने का अनुमान है। यह मजबूत उपभोग और निवेश के साथ-साथ सहायक नीतिगत उपायों, चल रहे संरचनात्मक सुधारों और अनुकूल वित्तीय परिस्थितियों से समर्थित आर्थिक गतिविधि की अंतर्निहित मजबूती को दर्शाता है।
#WATCH | RBI Governor Sanjay Malhotra says, “The real GDP growth for last year is estimated at 7.6%. This corroborates the underlying strong momentum in economic activity supported by robust consumption and investment amidst supportive policy measures, ongoing structural reforms… pic.twitter.com/PI5I1tq3mn
— ANI (@ANI) April 8, 2026
आगे चलकर, ऊर्जा और अन्य वस्तुओं की ऊंची कीमतों के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण इनपुट की उपलब्धता में आने वाली बाधाओं से इस वर्ष विकास पर असर पड़ने की संभावना है। सरकार ने आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के प्रभाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इनपुट की आपूर्ति सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाई है “।
