Israel Death Penalty Law: दुनिया के विभिन्न हिस्सों में इजरायली संसद नेसेट के नए कानून की चर्चा जोरों पर है। दरअसल, नेसेट ने इजरायल डेथ पेनॉल्टी लॉ को बहुमत के साथ संसद से पास कर दिया है। नए नियम के मुताबिक घातक हमलों के मामलों में दोषी पाए जाने वाले फिलिस्तीनियों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान है।
इजरायल डेथ पेनॉल्टी लॉ को लेकर दुनिया भर में संग्राम की स्थिति है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के साथ ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी जैसे देश भी नए इजरायली कानून की आलोचना कर रहे हैं। नए कानून को भेदभावपूर्ण बताते हुए तमाम तरह की बातें कही जा रही हैं जिसके बारे में हम आपको बताएंगे।
दुनिया में Israel Death Penalty Law पर छिड़ा संग्राम!
नेसेट में पास किए गए नए कानून को लेकर दुनिया में संग्राम छिड़ा है। इसे इजरायल डेथ पेनॉल्टी लॉ नाम दिया गया है। नए कानून के तहत घातक हमलों में दोषी पाए जाने वाले फिलिस्तीनियों के लिए फांसी की सजा का प्रावधान है। वहीं इजरायली नागरिकों पर नया नियम तब लागू होगा जब मामला देश को खत्म करने के इरादे से किए गए हमलों से जुड़ा हो।
इसको लेकर दुनिया भर में संग्राम छिड़ा है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ के साथ जर्मनी, इटली, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे देश इजरायल डेथ पेनॉल्टी लॉ की आलोचना कर रहे हैं। इन देशों का कहना है कि नया कानून एक पक्ष के खिलाफ ज्यादा सख्त है। वहीं संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ प्रावधान में आतंकवादी की भाषा स्पष्ट न होने पर नियम के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त कर रहे हैं।
फिलिस्तीनियों के लिए फांसी की सजा पर चर्चा तेज
इजरायली संसद द्वारा पास किए गए नए कानून के तहत फिलिस्तिनियों के लिए 6 महीनों के भीतर फांसी की सजा का प्रावधान है। ऐसे फिलिस्तिनी जिन्हें सैन्य अदालत में किसी जानलेवा हमले का दोषी पाया जाता है, उन्हें अगले 6 महीनों के भीतर इजरायल डेथ पेनॉल्टी लॉ के तहत फांसी की सजा दी जाएगी। वहीं इजरायली नागरिकों को सजा तब होगी जब हमला देश को खत्म करने के इरादे से किया गया हो और वो इसमें भागीदार हो।
इस प्रावधान को लेकर दुनिया भर में बहस छिड़ गई है। 120 में से 62 संसद सदस्यों के समर्थन से पास हुआ इजरायल डेथ पेनॉल्टी लॉ को भेदभावपूर्ण बताते हुए तमाम विपक्षी सांसद इसका विरोध कर रहे हैं। फिलिस्तीन समर्थक देशों में भी नए कानून की आलोचना हो रही है और इसे मानवीय हकों के खिलाफ बताया जा रहा है।
