US-Iran Conflict: तेहरान में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद आमने-सामने महाशक्तियां! क्या ईरान पर अटैक करेगा अमेरिका? अलर्ट पर मिडिल ईस्ट

US-Iran Conflict

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

US-Iran Conflict: मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ चुका है। जो ईरान कल तक प्रदर्शनकारियों पर दबिश दे रहा था उस पर अब सबकी नजरें हैं। आंकड़ों की मानें तो अब तक 500 से अधिक प्रदर्शनकारी मौत की भेंट चढ़ चुके हैं। मुल्क में इंटरनेट और फोन सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। इस बीच अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है।

सवाल उठ रहे हैं कि क्या तेहरान के साथ इस्फहान, तबरेज, मशहद समेत अन्य इलाकों में प्रदर्शन से मचे कोहराम के बीच महाशक्तियां आमने-सामने आएंगी? क्या वेनेजुएला के बाद अमेरिका का अगला निशाना ईरान होगा? डोनाल्ड ट्रंप क्या अली खामेनेई की मुश्किलें बढ़ाएंगे? ऐसे तमाम सवाल हैं जिनको लेकर मिडिल ईस्ट में अलर्ट की स्थिति है और अमेरिका-ईरान पर नजरें बनी हुई हैं।

तेहरान में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद आमने-सामने महाशक्तियां!

ईरान की राजधानी तेहरान समेत सभी प्रमुख शहरों में हिंसा की आग जल रही है। प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं और मौलवी शासन के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इस बीच अमेरिका की खास दिलचस्पी नजर आ रही है। डोनाल्ड ट्रंप मानवीय मूल्यों का जिक्र करते हुए ईरान को सबक सिखाने का जिक्र कर रहे हैं। 500 से अधिक सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों की मौत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे ईरान में सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

आयातुल्ला अली खामेनेई ने भी साफ तौर पर चेताया है कि यदि ईरान में अमेरिका कुछ उलटफेर की कोशिश करेगा, तो उनके आर्मी बेस तबाह कर करारा जवाब दिए जाएंगे। ये साफ तौर पर दर्शाता है कि तेहरान में मौलवी शासन के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब ईरान-अमेरिका जैसी महाशक्तियों को आमने-सामने लाकर खड़ा कर चुका है।

क्या ईरान पर अटैक करेगा अमेरिका? – US-Iran Conflict

समीकरण को मद्देनजर रखते हुए उठ रहे इस सवाल का जवाब भविष्य के गर्भ में है। इसको लेकर पुख्ता रूप से तो कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन बयानबाजी इस आशंका को व्यक्त कर रही है। डोनाल्ड ट्रंप का ये कहना है कि अमेरिका सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है दर्शाता है कि अंदरखाने कुछ तो खिचड़ी पक रही है। वहीं अली खामेनेई भी खुले तौर पर अमेरिका को चेता रहे हैं जो भीतर के भय को दर्शाता है।

ऐसे में ये संभव है कि अमेरिका मानवीय मूल्यों का हवाला देते हुए ईरान पर धावा बोल दे। हालांकि, मामला तब और पेंचीदा हो जाता है जब ईरान में स्थित अमेरिकी आर्मी बेस को निशाना बनाने की बात सामने आती है। इन तमाम समीकरण ने मिडिल ईस्ट को अलर्ट पर रखा है और सवालों के अंबार लग रहे हैं। सबकी नजरें तेहरान में मौलवी शासन के खिलाफ जारी प्रदर्शन पर टिकी हैं। सभी इस बात के इंतजार में हैं कि अमेरिका का अगला कदम क्या होगा।

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