‘हम किसी समझौते पर नहीं…’ अमेरिका-ईरान की बातचीत फेल! JD Vance की धमकी से मचा हड़कंप, भीषण युद्ध की आहट तेज

JD Vance: अमेरिका-ईरान वार्ता फेल होने के बाद तनाव चरम पर पहुंच गया है। जेडी वेंस की सख्त चेतावनी के बाद युद्ध की आशंका तेज हो गई है।

JD Vance

फाइल फोटो

JD Vance: पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत बिफल नजर आ रही है। अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जीडी वेंस ने ने कहा कि बातचीत पर किसी प्रकार की सहमति नहीं बनी है और यह अमेरिका से ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है। बता दे कि बीते दिन से ही ईरान और यूएस का डेलिगेशन पहुंचा हुआ है और बातचीत पर जोर दे रहा है। हालांकि वेंस के इस बयान के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या एक बार फिर इजरायल और अमेरिका ईरान पर बमबारी करने जा रहे है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली धमकी दी थी कि अगर ये डील नहीं होती है तो ईरान  को पूरी तरह से तबाह कर दिया जाएगा। यानि  अगर बार फिर .युद्ध की आहट तेज हो गई है। आईए समझते है इसके मायने

JD Vance की ईरान को खुली धमकी

अमेरिका के उप-राष्ट्रति जीडी वेंस ने प्रेस वार्ता के  दौरान कहा कि “बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुँच पाए हैं। मुझे लगता है कि यह अमेरिका के लिए बुरी खबर से कहीं ज़्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है। इसलिए, हम बिना किसी समझौते पर पहुँचे अमेरिका के पास वापस जा रहे हैं।

उन्होंने हमारी शर्तों को स्वीकार नहीं किया है”। हालांकि यह अनुमान पहले से ही  लगाया जा रहा था कि ईरान ने कुछ ऐसी ही शर्ते रखी थी, जिसको मानना अमेरिका के लिए बहुत ही मुश्किल थी। तेहरान के परमाणु कार्यक्रम के अलावा वार्ता के प्रमुख बिंदुओं में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य था, जो फारस की खाड़ी पर महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है और जिसे ईरान ने लगभग पूरी तरह से अवरुद्ध कर रखा है।

अमेरिकी उप-राष्ट्रपति ने दी अहम जानकारी 

जीडी वेंस ने कहा कि सीधी सी बात यह है कि हमें ईरान से यह ठोस प्रतिबद्धता देखने की ज़रूरत है कि वे परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे और न ही ऐसे उपकरण हासिल करेंगे जिनसे वे जल्दी से परमाणु हथियार बना सकें। यही अमेरिकी राष्ट्रपति का मुख्य लक्ष्य है। इन वार्ताओं के माध्यम से हमने यही हासिल करने की कोशिश की है। उनका मौजूदा परमाणु कार्यक्रम और पहले से मौजूद संवर्धन संयंत्र नष्ट कर दिए गए हैं।

लेकिन सीधा सा सवाल यह है कि क्या हमें ईरानियों की ओर से परमाणु हथियार विकसित न करने की कोई ठोस प्रतिबद्धता दिखाई देती है, न सिर्फ अभी के लिए, न सिर्फ दो साल बाद के लिए, बल्कि दीर्घकालिक रूप से? अभी तक हमें ऐसा कुछ नहीं दिखा है, लेकिन हमें उम्मीद है कि दिखेगा।

भीषण युद्ध की आहट तेज

अमेरिका–ईरान के बीच तनाव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है और “भीषण युद्ध” की आशंका पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हाल ही में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया। वहीं खबर सामने आ रही है कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपने युद्धपोत उतार दिए हैं और माइन हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

 

 

 

 

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