US-Iran War: होर्मुज स्ट्रेट से शर्तों पर नाकेबंदी खत्म करने को तैयार ईरान! क्या बदलेंगे ट्रंप के सुर? घमासान के बीच वाशिंगटन पर नजरें

US-Iran War को लेकर छिड़ी तमाम चर्चाओं के बीच तेहरान हुकूमत ने कुछ शर्तों पर पूर्ण युद्धविराम की घोषणा के लिए खुद को तैयार बताया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि डोनाल्ड ट्रंप इन शर्तों पर क्या रुख अपनाते हैं।

US-Iran War

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

US-Iran War: लगभग दो महीने का समय गुजर चुका है। बातचीत के तमाम प्रयास हुए लेकिन सब बेनतीजा रहे। यहां बात अमेरिका-ईरान के बीच छिड़े संघर्ष के संदर्भ में हो रही है। दरअसल, इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी कर पूरी दुनिया की प्रभावित किया।

खबर है कि ईरानी हुकूमत अब कुछ शर्तों के साथ इस नाकेबंदी को खत्म करने को तैयार है। हालांकि, बड़ा सवाल है कि क्या डोनाल्ड ट्रंप ईरानी शर्तों को स्वीकारेंगे? क्या अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान की शर्तों पर पूर्ण युद्धविराम को तैयार होंगे? इस घमासान के बीच वाशिंगटन पर नजरें टिकीं हैं।

होर्मुज स्ट्रेट से शर्तों पर नाकेबंदी खत्म करने को तैयार ईरान!

ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर लगी नाकेबंदी को खत्म करने के लिए तैयार है। हालांकि, इसके लिए हुकूमत की ओर से कुछ शर्ते रखी गई हैं। खबरों के मुताबिक यदि अमेरिका ईरान पर अपनी नाकाबंदी हटा ले और युद्ध समाप्त कर दे तो ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से नाकेबंदी खत्म कर देगा।

इस प्रस्ताव पर ईरान वार्ता के लिए तैयार है। ईरान जहां होर्मुज स्ट्रेट में नाकेबंदी कर दुनिया को प्रभावित कर रहा है। वहीं अमेरिका की सख्ती ईरान को अपना तेल बेचने से वंचित कर अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचा रही है। यही वजह है कि ईरान की ओर से शर्तों पर नाकाबंदी खत्म करने का प्रस्ताव आया है।

क्या ईरान की शर्तों पर वार्ता को तैयार होंगे डोनाल्ड ट्रंप?

इस सवाल का पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है। दरअसल, अमेरिका ने भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में घेराबंदी कर ईरान को कच्चा तेल बेचने से प्रभावित किया है। इससे मुल्क की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप अब ईरानी हुकूमत को उन्हीं की भाषा में जवाब दे रहे हैं। ऐसे में संभावना कम है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान की शर्तों पर पूर्ण युद्धविराम की वार्ता के लिए तैयार हों।

वाशिंगटन में स्थित व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप इस पर बाद में बात करेंगे। ऐसे में ये जरूर है कि अंदरखाने ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। हालांकि, अंतत: क्या होगा इसके लिए उचित समय का इंतजार ही एकमात्र विकल्प है।

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