US-Israel-Iran-War के बीच नहीं होगा युद्धविराम, क्या ईरान मचाने जा रहा है भीषण तबाही; भारत के लिए आई अच्छी खबर; समझे इसके मायने

US-Israel-Iran-War: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध शुरू हुए 3 हफ्ते से ज्यादा हो चुके है। जिसने दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है।

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फाइल फोटो - गूगल

US-Israel-Iran-War: मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध शुरू हुए 3 हफ्ते से ज्यादा हो चुके है। जिसने दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है। वहीं ईरान ने अमेरिका से किसी भी बातचीत को लेकर इंकार किया है। आलम यह है कि कई देशों पर एनर्जी संकट गहराने लगा है। भारत की बात करें तो यहां भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सरकार की तरफ से लगातार यह कहा जा रहा है कि उनके पास कच्चे तेल और नेचुरल गैस का पूरा स्टॉक है। हालांकि यहां पर एलपीजी सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी देखी गई है, तो वहीं प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2 रूपये की बढ़ोतरी देखी गई है। हाल ही में पीएम मोदी ने संसद में कहा कि आने वाले दिनों में कोविड जैसे हालात हो सकते है। हालांकि युद्ध के बीच भारत को खुशखबरी भी मिली है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

US-Israel-Iran-War के बीच युद्धविराम पर गहराया संकट

US-Israel-Iran-War के शुरू हुए 3 हफ्ते से भी ज्यादा हो चुके है। जैसे-जैसे यह युद्ध आगे बढ़ रहा है कई देशों की चिंता बढ़ने लगी है। आलम यह है कि कई देशों पर एनर्जी संकट गहराने लगा है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौते के मूड में दिखाई दे रहा है, हालांकि ईरान ने बातचीत को लेकर साफ मना कर दिया है। ईरान लगातार मीडिल ईस्ट में अमेरिकी बैस को निशाना बना रहा है। जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या यह युद्ध लंबा खीचने वाला है। गौरतलब है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज कई देशों के लिए बंद कर दिया है। जिसके बात स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

युद्ध के बीच भारत को मिली बड़ी खुशखबरी

इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच, ईरान ने घोषणा की कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत सहित पांच मित्र देशों से संबंधित जहाजों पर नाकाबंदी नहीं लगाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से बंद नहीं है।

“कई जहाज मालिकों, या इन जहाजों के मालिकों वाले देशों ने हमसे संपर्क किया है और जलडमरूमध्य से उनके सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। इनमें से कुछ देशों के लिए जिन्हें हम मित्र मानते हैं, या उन मामलों में जहां हमने अन्य कारणों से ऐसा करने का निर्णय लिया है, हमारी सशस्त्र सेनाओं ने सुरक्षित मार्ग प्रदान किया है।”

“आपने खबरों में देखा होगा चीन, रूस, पाकिस्तान, इराक और भारत। कुछ रात पहले इनके दो जहाज यहाँ से गुजरे थे, और कुछ अन्य देश, और यहाँ तक कि बांग्लादेश भी, मेरा मानना ​​है। ये वे देश हैं जिन्होंने हमसे बात की और हमारे साथ समन्वय किया, और यह युद्ध के बाद भी भविष्य में जारी रहेगा।”

 

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