US-Israel-Iran-War: मीडिल ईस्ट में युद्ध बीते 28 फरवरी 2026 से ही जारी है। युद्ध के शुरू हुए 1 महीना पूरा हो चुका है। गौरतलब है कि इस युद्ध ने कई देशों में एनर्जी संकट पैदा कर दिया है। स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दामों में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, श्रीलंका में कई तरह की इमरजेंसी घोषित कर दी गई है। बता दें कि US-Israel-Iran-War लगातार जारी है। ना ईरान झुकने के लिए तैयार ना ही इजरायल और अमेरिका, यानि अगर यह युद्ध और कुछ महीने चलता है, तो पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिति गड़बड़ा सकती है। आईए जानते है कि इस युद्ध से कैसे भारत के साथ-साथ कई देशों को प्रभावित किया है।
US-Israel-Iran-War के एक महीने पूरे
पिछले 1 महीने से US-Israel-Iran-War युद्ध लगातार जारी है। माना जा रहा था कि यह युद्ध कुछ दिनों में खत्म हो जाएगा लेकिन इसके बिल्कुल उलट हुआ। लगातार ईरान ताकतवर बना हुआ है। इजरायल के अलावा ईरान मीडिल ईस्ट के देशों पर मिसाइलें दाग रहा है, जिसमे अबू धावी, ओमान, कतर और दुबई शामिल है। इसके अलावा युद्ध के बाद भारतीय शेयर मार्केट में भी जबरदस्त गिराटव देखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद भारतीय शेयर बाजार लगभग 7 से 10 प्रतिशत तक गिर चुका है, जो एक चिंता का विषय बना हुआ है।
इसके अलावा करीब 9 लाख करोड़ रूपये का नुकसान हुआ है। इसके अलावा भारत में एलपीजी सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों के दामों में भारतने एक्साइज ड्यूटी को कम कर दिया है। साथ ही पेट्रोल -डीजल के दामों पर संकट गहराने लगा है।
क्या मीडिल ईस्ट में जारी युद्ध नहीं होगा खत्म
मालूम हो कि अमेरिका ने ईरान को 10 दिन की मोहलत दी है और हमले को रोक दिया गया है। हालांकि मीडिल ईस्ट में युद्ध खत्म करना आसान नहीं लग रहा है, क्योंकि ईरान कई चीजों पर अड़ गया है। साथ ही वह बीच-बीच पर लगातार इजरायल और मीडिल ईस्ट को निशाना बना रहा है। यह तो साफ है कि ईरान इतनी जल्दी मानने को तैयार नहीं है। यदि बातचीत विफल होती है, तो ट्रंप होर्मुज नहर खुलवाने के लिए संघर्ष को और भी बढ़ा सकते हैं।
अस्थिर स्वभाव वाले अमेरिकी राष्ट्रपति पहले ही हजारों अतिरिक्त पैराट्रूपर्स और मरीन सैनिकों को इस क्षेत्र में भेज चुके हैं, जिससे जमीनी आक्रमण की संभावना बढ़ गई है। यानि पूरे समीकरण को देखा जाए तो अभी युद्ध खत्म होने के किसी प्रकार की उम्मीद नजर नहीं आ रही है, जो कई देशों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।






