Vladimir Putin: कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों की नींद हराम होने वाली है। इसकी प्रमुख वजह है रूसी राष्ट्रपति का भारत दौरा। दरअसल, व्लादिमीर पुतिन 4 और 5 दिसंबर को दो दिवसीय भारत के दौरे पर हैं। ये दौरा ऐसे समय में हो रहा है कि हाल ही में लाल किला के निकट आतंकियों ने जोरदार धमाका किया है।
इससे इतर अमेरिका द्वारा भारत को रूसी तेल की खरीदारी करने से खफा डोनाल्ड ट्रंप की निगाहें भी व्लादिमीर पुतिन के इस दौरे पर रहेंगी। दावा किया जा रहा है कि भारत-रूस के बीच संभावित सैन्य समझौता भी पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बन सकता है। भारत के खिलाफ नापाक मंसूबा पालने वाले मुल्क के आंखों में सैन्य समझौता किरकिरी के समान चुभ रहा होगा। आइए हम आपको व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के बारे में विस्तार से बताने की कोशिश करते हैं।
पाकिस्तान के साथ प्रेसिडेंट ट्रंप की भी नींद हराम करेगा Vladimir Putin का भारत दौरा!
दुनिया के तमाम शीर्ष नेताओं की नजरें रूसी राष्ट्रपति के भारत दौरे पर रहेंगी। दरअसल, रूस में जारी तमाम उठा-पटक के बीच प्रेसिडेंट पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान कई अहम समझौते पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है। व्लादिमीर पुतिन का रूस दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब डोनाल्ड ट्रंप की दफा भारत को रूसी तेल खरीदने से मना करने की अपील कर चुके हैं।
इससे इतर दिल्ली में हुए धमाके के ठीक बाद दिसंबर के पहले सप्ताह में व्लादिमीर पुतिन का भारत आना अहम है। ये दोनों कड़ी प्रमुख रूप से डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान की नींद हराम कर सकते हैं। जहां डोनाल्ड ट्रंप की लाख मनाही के बावजूद भारत अपने रणनीतिक हितों को साधते हुए रूसी तेल की खरीदारी कर रहा है। वहां प्रेसिडेंट ट्रंप की बेचैनी व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से और बढ़ सकती है।
सैन्य समझौता बन सकता है भारत दौरे की अहम कड़ी!
खबरों की मानें तो व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे पर दोनों देशों के बीच सैन्य समझौता हो सकता है। इसके तहत भारत के लिए रूसी एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 मिलने का रास्ता साफ हो सकता है। साथ ही रेलोस समझौता संयुक्त सैन्य अभ्यास, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियानों को भी सहायता देगा जो दुश्मनों की नींद उड़ाने के लिए काफी है।
इस कदम से आर्कटिक और हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र में भारत-रूस का प्रभुत्व बढ़ने की संभावना है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच होने वाले समझौते को अहम कड़ी माना जा रहा है जो पाकिस्तान के साथ दुश्मनी का मंसूबा रखने वाले अन्य देशों की नींद हराम करेगा।
