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Muhammad Yunus: क्या आगे भी जारी रहेगी यूनुस की राजनीतिक भूमिका? विदाई भाषण में भारत को असहज कर ऐसा क्या कहा कि मचा बवाल?

Muhammad Yunus

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Muhammad Yunus: पड़ोसी मुल्क का सियासी समीकरण अब पूरी तरह से बदल चुका है। सत्ता की कमान कट्टरपंथी मोहम्मद यूनुस के हाथों से निकल तारिक रहमान के पास जा चुकी है। तारिक रहमान के चुनाव जीतने के बाद मोहम्मद यूनुस ने बीते कल अपना विदाई भाषण दिया। हर मौके पर भारत को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने वाले मोहम्मद यूनुस ने विदाई भाषण में भी भारत को असहज किया।

यूनुस भारत का नाम लिए बगैर सेवेन सिस्टर्स का जिक्र कर गए। यहां सेवेन सिस्टर्स का आशय भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से है। मोहम्मद यूनुस का सियासी सफर अब लगभग ठहराव पर है। सवाल है कि क्या वे आगे भी राजनीतिक भूमिका में नजर आ सकते हैं? तो आइए उनके संबोधन पर प्रकाश डालते हुए इस सवाल का जवाब देने की कोशिश करते हैं।

क्या आगे भी जारी रहेगी Muhammad Yunus की राजनीतिक भूमिका?

बांग्लादेशी अंतरिम सरकार के मुखिया रहे मोहम्मद यूनुस की राजनीतिक भूमिका क्या आगे भी जारी रहेगी। इस सवाल का पुख्ता जवाब अभी स्पष्ट रूप से नहीं दिया जा सकता है। बांग्लादेश की सियासत में आगे जो कुछ भी होगा उसमें तारिक रहमान के मंतव्य का अहम योगदान होगा। मोहम्मद यूनुस फिलहाल अंतरिम सरकार के मुखिया के पद से इस्तीफा दे चुके हैं। उन्होंने सोमवार को अपना संबोधन कर विदाई भाषण भी दिया। यदि तारिक रहमान आगे चाहते हैं, तो यूनुस की सियासत जारी रह सकती हैं।

कयास लगाए जा रहे हैं को नई सरकार में मोहम्मद यूनुस को सलाहकार की भूमिका दी जा सकती है। हालांकि, इसको लेकर आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं सामने आई है। ऐसे में जब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं आता, तब तक सारी बातें कयास का हिस्सा भर हैं।

विदाई भाषण में भारत को असहज कर गए मोहम्मद यूनुस!

ढ़ाका में अपने अंतिम विदाई भाषण के दौरान भी कट्टरपंथी मोहम्मद यूनुस ने भारत को असहज करने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। यूनुस ने भारत की सेवेन सिस्टर्स का जिक्र कर कहा कि “हमारे खुले समुद्र केवल सीमाएं नहीं हैं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रवेश द्वार हैं। नेपाल, भूटान और सेवन सिस्टर्स के साथ, इस क्षेत्र में अपार आर्थिक क्षमता है। आर्थिक क्षेत्र, व्यापार समझौते और शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच हमें एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित कर सकते हैं।”

यहां सेवेन सिस्टर्स का आशय भारत के पूर्वोत्तर राज्यों से हैं। इसमें मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, अरुणांचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और असम हैं। बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का मुखिया रहते हुए मोहम्मद यूनुस की गंदी नजर सेवेन सिस्टर्स पर थी। उन्होंने बीजिंग में भी इसका जिक्र किया था। यही वजह है कि जब विदाई भाषण में मोहम्मद यूनुस ने भारत की सेवेन सिस्टर्स का जिक्र किया है, तो नए सिरे से घमासान मचा है।

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