Bihar Viral Video: सरकारी कर्मचारियों को क्या आपने कभी ऑन ड्यूटी घोड़े बेचकर सोते हुए देखा है। पटना रेलवे स्टेशन के इस वीडियो को देखने के बाद शायद आप भी यही कहेंगे बस जिंदगी में कुछ बने ना बने सरकारी बाबू जरूर बन जाना। इंक्वारी काउंटर से एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद रेलवे सेवा भी दंग रह गया। लोग इस पर एक्शन की मांग करने लगे। जहां सरकारी बाबू के सामने माइक है उनके कंधे पर जिम्मेदारियां हैं लेकिन वह कुछ इस कदर स्लीप मोड में नजर आते हैं कि सोशल मीडिया पर सनसनी मच गई। सामने लोगों की लंबी लाइन लगी हुई है लेकिन कुर्सी पर बैठे साहब गहरी नींद का लुत्फ उठा रहे हैं।
बिहार में सरकारी बाबू की हालत देख हैरत में पड़ जाएंगे आप
जबतक इस कर्मचारी को @RailwaySeva सस्पेंड नहीं करती तबतक Video को शेयर करें।
पटना जंक्शन पर इंक्वायरी काउंटर का बाबू सफेद कमीज़ में कुर्सी पर लेटा हुआ, माइक सामने है, यात्री खड़े हैं, और ये आराम से सुस्की ले रहा है। pic.twitter.com/L8AHLee9pf
— कल्पना श्रीवास्तव 🇮🇳 (@Lawyer_Kalpana) June 22, 2026
बिहार वीडियो को x चैनल से शेयर करते हुए कहा गया, “जब तक इस कर्मचारी को रेलवे सेवा सस्पेंड नहीं करती तब तक वीडियो को शेयर करें। पटना जंक्शन पर इंक्वारी काउंटर का बाबू सफेद कमीज में कुर्सी पर लेटा हुआ माइक सामने है यात्री खड़े हैं और यह आराम से सुस्की ले रहा है। बिहार वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि काउंटर के आगे लोगों की लंबी लाइन लगी हुई है और उनके बीच अफरातफरी है क्योंकि ट्रेन के इंतजार में यह अपनी अपनी समस्या के बारे में जानना चाहते हैं।
Bihar Viral Video को देखकर क्या बोल रहे हैं लोग और रेलवे
वहीं इस पर रेलवे सेवा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जा रहा है असुविधा के लिए खेद है। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया मोबाइल नंबर वैकल्पिक रूप से डीएम के माध्यम से हमारे साथ साझा करें। आप अपनी शिकायत सीधे निवारण के लिए रजिस्टर कर सकते हैं।” बिहार वायरल वीडियो को देखने के बाद एक यूजर ने कहा, “इसलिए तो सरकारी कर्मचारी बनने के लिए लोग परेशान रहते हैं क्योंकि इसमें आराम भी मिलता है और पैसे भी।”
वहीं वायरल वीडियो में सरकारी साहब जिस तरह से सोए हुए दिखे इसे लेकर लोग ट्रोल करने लगे और वीडियो को 3 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
