Gujarat Viral Video: हिंदू धर्म में मुंडन का अपना एक खास महत्व माना जाता है जहां 1-3 या 5 साल की उम्र में बच्चों के मुंडन कराए जाते हैं क्योंकि यह संस्कार का एक हिस्सा है। हालांकि बाल कटवाने के दौरान बच्चे काफी रोते हैं। गुजरात वायरल वीडियो में परिवार में बच्चे को अकेला महसूस ना हो इसके लिए कुछ ऐसा कर दिया जिसे जानने के बाद सोशल मीडिया पर एक अलग ही बहस की शुरुआत हो गई। गुजरात वायरल वीडियो में परिवार ने जो किया क्या वह सिर्फ व्यूज लेने का ट्रिक है या इसके पीछे उनका प्यार है। आइए देखते हैं वीडियो पर क्यों बहस की शुरुआत हुई है।
बच्चे के मुंडन के दौरान परिवार ने इस तरह दिखाया प्यार
मुंडन का सबसे प्यारा पल! 🥰
गुजरात के एक छोटे से गांव में, बेटे को मुंडन के दौरान अकेला महसूस न हो, इसलिए पूरे परिवार ने अपने सिर मुंडवा लिए और एक खास प्यार भरी शुरुआत की।
यह छोटा सा इशारा अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोगों के दिल छू रहा है। pic.twitter.com/d7YzBzC8ol
— JIMMY (@Jimmyy__02) March 18, 2026
गुजरात वायरल वीडियो की बात करें तो यहां आप देख सकते हैं कि किस तरह से मुंडन में बच्चों के साथ घर की महिलाएं भी अपने बालों को कुर्बानी दे देती है। इस दौरान अनोखे मुंडन को शायद ही आपने पहले कभी देखा होगा। लोग इसे लेकर बातें बना रहे हैं और इस पर अपनी टिप्पणी देने में पीछे नहीं हैं। वीडियो में खुशी-खुशी महिलाएं भी अपने बाल कुर्बान कर रहे हैं ताकि बच्चे को अकेला महसूस ना हो। मुंडन का यह सबसे प्यारा पल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
Gujarat Viral Video को लेकर लोगों ने कुछ इस तरह की टिप्पणी
जहां मुंडन के इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है तो वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसका विरोध कर रहे हैं। कुछ लोग मुंडन जैसे पवित्र संस्कार का मजाक बता रहे हैं तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस तरह से संस्कार के साथ इस पर बात कह रहे हैं। एक यूजर ने कहा कि यह सिर्फ वायरल होने का ट्रिक है तो एक यूजर ने कहा आजकल लोग सेंसेशन बनने के लिए कुछ भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा सभ्यता का भी मुंडन हो गया है।
@Jimmyy__02 X चैनल से शेयर किए गए इस वीडियो को 1.5 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं तो वहीं इसे अलग-अलग प्लेटफार्म पर जमकर शेयर किया जा रहा है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
