Karnataka Viral Video: बादामी गुफा मंदिर में चप्पल पहनकर घुसी हिजाब पहनी महिला तो हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा, चीखती-चिल्लाती टूरिस्ट ने लगा दी इज्जत की वाट

Karnataka Viral Video: मंदिर के अंदर हिजाब पहनकर मुस्लिम महिला दिखी तो सोशल मीडिया पर लोग गुस्सा हो गए है और इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है जिसने हर किसी के दिमाग को हिला दिया।

Viral Video

Photo Credit- Screen Grab From x Viral Video

Karnataka Viral Video: हिंदू-मुस्लिम को लेकर सोशल मीडिया पर जंग अक्सर विवाद की वजह बन जाती है। इस सब के बीच कर्नाटक के बादामी गुफा मंदिर में कुछ ऐसा हुआ जो फिलहाल लोगों को हैरान कर देने के लिए काफी है। यह कर्नाटक का वाकया बताया जा रहा है जहां हिजाब पहनी हुई कथित तौर पर एएसआई स्टाफ मेंबर्स को देखकर एक टूरिस्ट महिला भड़क उठी क्योंकि मंदिर परिसर में हिजाब पहनी हुई महिला चप्पल में नजर आई। ऐसे में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के साथ-साथ अपमानित करने पर सवाल उठाए गए हैं। आखिर कर्नाटक वायरल वीडियो ने क्यों बवाल मचा दिया है।

चप्पल में घुसी मंदिर में महिला जिसने लोगों का घुमाया दिमाग

कर्नाटक वायरल वीडियो की बात करें तो बादामी गुफा मंदिर में उस समय गरमागरम बहस शुरू हो गई जब एक हिंदू महिला ने पवित्र जगह के अंदर एक मुस्लिम महिला के चप्पल पहनने पर एतराज़ किया। कथित तौर पर महिला हेरिटेज साइट के अंदर बने एक ऑफिस में काम करती थी जिसपर हिंदू धार्मिक भावनाओं का अपमान करने का आरोप लगाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि एक हिंदू हेरिटेज साइट पर एक मुस्लिम महिला को क्यों काम पर रखा गया है।

Karnataka Viral Video में मंदिर में मुस्लिम महिला को लेकर बवाल

लोगों का कहना है कि सिर्फ़ हिंदू मंदिरों को सीधे सरकार और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया (ASI) के कंट्रोल में क्यों रखा जाता है। घर के क्लेश x चैनल से शेयर करते हुए इस वायरल वीडियो में एएसआई स्टाफ मेंबर का नाम रोशनी बताया जा रहा है। वहीं वीडियो में देख सकते हैं कि महिला किस कदर से भड़की हुई नजर आ रही है और चप्पल पहनकर मंदिर में घुसने को लेकर एतराज जताती नजर आ रही है। वहीं मुस्लिम स्टाफ फोन पर अपनी सफाई दे रही है।

कर्नाटक वायरल वीडियो को 13000 से ज्यादा व्यूज मिले हैं और लोग हिंदू धर्म की रक्षा के साथ-साथ धार्मिक क्लेश पर उतर आए हैं।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

 

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