Lucknow Viral Video: उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर से एक बेहद दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। यहां पर एक स्कूल में नर्सरी की कक्षा में मॉनीटर के द्नारा 5 साल के बच्चे को बेरहमी से पीटा गया है। दोनों की उम्र बहुत ही कम है। नर्सरी की छात्रा के द्वारा बच्चे को जिस तरह से पीटा जा रहा है, उसे देखकर हर कोई दंग है। यहां कारण है कि, स्कूल ने बच्ची पर एक्शन लिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
स्कूल के अंदर छात्रा ने मासूम बच्चे को बेरहमी से पीटा
ये घटना पीजीआई कोतवाली क्षेत्र के वृंदावन योजना में स्थित एएलएस एकेडमी की है। पिटाई कर रही मॉनिटर छात्रा की उम्र 5 साल है। वहीं, पीड़ित लड़के की उम्र भी 5 साल बताई जा रही है। स्कूल के सीसीटीवी में दिख रहा है कि, छात्रा ने मासूम बच्चे को 12 मिनट तक पीटा है।
देखें वीडियो
नर्सरी छात्र को मॉनिटर ने 12 मिनट तक थप्पड़ मारे सीसीटीवी में कैद हुई घटना, लखनऊ के स्कूल से छात्रा निष्कासित
लखनऊ पीजीआई वृंदावन योजना में स्थित एएलएस एकेडमी में नर्सरी के एक छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना बीते बुधवार की हैं। आरोप है कि कक्षा की मॉनिटर छात्रा… pic.twitter.com/gqinuw1jjA
— Mohammad Imran (@ImranTG1) July 16, 2026
पीड़ित बच्चे के पिता बृजेंद्र कुमार ने बताया है कि, स्कूल से लौटने के बाद उन्होंने देखा बच्चे के चेहरे पर चोट के निशान हैं। जिसके बाद पीड़ित बच्चे का इलाज पीजीआई ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। पिटाई के वायरल वीडियो को Mohammad Imran नामे क एक्स हैंडल से 16 जुलाई 2026 को अपलोड किया गया था। इस वायरल वीडियो पर 1.34 लाख से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। वीडियो में छात्र की पिटाई को साफ देखा जा सकता है। जब ये घटना घटि तब किसी ने भी मासूम बच्चे को नहीं बचाया।
Lucknow Viral Video पर स्कूल ने लिया एक्शन
लखनऊ के स्कूल का वीडियो वायरल होने के बाद स्कूल की तरफ से एक्शन लिया गया है। विद्यालय की प्रधानाचार्य आशा सिंह बिष्ट ने कार्रवाही की जानकारी देते हुए बताया कि, सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद घटना में शामिल छात्रा को निष्कासित कर दिया गया है। मामले की लिखित शिकायत पीजीआई पुलिस को भी दी है। बच्चे का नाम स्कूल से कटवा दिया है। घटना कारण बताते हुए प्रिंसिपल ने कहा कि, कक्षा में उस समय कोई मौजूद नहीं था। जिसके कारण ये हुआ।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
