Varanasi Viral Video: कानून के रखवाले की सब पर नजर होती है। किसी भी जगह पर अगर कोई अवैध काम हो रहा है तो वहां तक पुलिस पहले पहुंचती है लेकिन इस सबके बीच वाराणसी वायरल वीडियो में कुछ ऐसा हुआ जिसने पुलिस पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। जी हां, यहां आर्केस्ट्रा पर डांस करते हुए जब पुलिस वाले नजर आते हैं तो सोशल मीडिया पर सनसनी मच जाती है लेकिन जब इसे लेकर विरोध हुआ तब आखिर पुलिस ने सफाई देते हुए क्या कहा। आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है जो निश्चित तौर पर लोगों को हैरान कर देने के लिए काफी है।
Varanasi Viral Video को देख क्यों पुलिस वाले पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश –
वाराणसी पुलिस के अनुसार, यह वीडियो AI जेनरेटेड है !! https://t.co/eliPDZxRdb
— Sachin Gupta (@Sachingupta) September 30, 2026
वाराणसी वायरल वीडियो को अलग-अलग प्लेटफार्म से जमकर शेयर किया जा रहा है जहां इसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि आर्केस्ट्रा पर डांस करने वाली महिलाओं के सामने पुलिस वाले भी मौजूद दिखाई देते हैं। वह मुस्कुराते हुए नजर आते हैं। इतना ही नहीं कुछ इस वीडियो को रिकॉर्ड कर रहे हैं तो कुछ डांस करते हुए भी नजर आ रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर जब वायरल हुआ तो लोग इस पर तीखी प्रतिक्रिया देने में पीछे नहीं रहे लेकिन वाराणसी पुलिस ने इसके बारे में जो सच्चाई का खुलासा किया वह आपको हैरान कर सकता है।
वाराणसी पुलिस ने सफाई देते हुए क्या कहा
x से शेयर करते हुए कहा गया कि पुलिस वाले आर्केस्ट्रा पर मजे ले रहे हैं लेकिन जब पुलिस ने इसे एआई का बताया तो यूजर्स इस पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं हैं। वहीं इस वीडियो को लेकर सच्चाई बताते हुए पुलिस ने कहा कि “श्री लाट भैरव का विश्व प्रसिद्ध परंपरागत कार्यक्रम होता है। उसमें दो दिन पुराना एक वीडियो वायरल किया जा रहा है जिसमें भारी संख्या में पुलिस बल मंच पर तैनात है। यह वीडियो पूर्णतया एआई जेनरेटर है जो पुलिस की छवि धूमिल करने के उद्देश्य के प्रसारित किया जा रहा है। इस संबंध में थाना आदमपुर में अभियोग पंजीकृत किया गया है तथा ऐसा कोई धार्मिक वीडियो प्रचार प्रसार करेगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस के मुताबिक इस वीडियो का संज्ञान लिया गया है और जांच की जा रही है इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।







