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Viral Video: डिजिटल इंडिया! नए साल से भारत के इस हिस्से में महिलाएं नहीं चला सकेंगी मोबाइल, बैन लगाते मर्दों का तर्क सोच में डाल रहा

Viral Video

Viral Video: Picture Credit: Google

Viral Video: जहां एक तरफ देश में ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के साथ महिलाओं के विकास के लिए अनगिनत योजनाएं चल रही हैं। वहीं, देश में एक महिला विरोधी फरमान जारी किया गया है। जिसमें मर्दों ने लड़कियों और महिलाओं पर स्मार्टफोन इस्तेमाल करने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है। ये तालिबानी फरमान 26 जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा। डिजिटल इंडिया के दौर में इस तरह का बैन लोगों को सोच में डाल रहा है। वहीं, कुछ आदमियों को ये फैसला बहुत अच्छा लग रहा है। ये फरमान राजस्थान के जालोर में लिया गया है। इसका एलान करते हुए आदमी का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

राजस्थान के जालौर जिले में पंचों ने लगाया महिलाओं के स्मार्टफोन पर बैन

लड़कियों और महिलाओं पर स्मार्टफोन बैन लगाने का फरमान जारी करते हुए आदमी का वीडियो indiatvnews ने पोस्ट क्या है।

देखें वीडियो

इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी देते हुए लिखा है, “राजस्थान के जालोर में पंचायत का अजीब फरमान- “समाज में बहू-बेटियों के पास कैमरे वाला फोन नहीं रहेगा” पंचायत के इस फरमान में एक बूढ़ा आदमी कह रहा है कि, बहू-बेटियों को कैमरे वाले फोन के यूज पर बैन लगाया जा रहा है। कोई भी महिला स्मार्टफोन यूज नहीं करेगी। वो सिर्फ की-पैड वाला ही फोन इस्तेमाल कर सकेंगी। अगर क्लास लेनी है तो घर के अंदर की वो इससे पढ़ करेंगी। पंचायत के इस फरमान में महिलाओं के ऊपर जो पाबंदियां लगाने की बाते कही गईहैं वो काफी सोच में डाल देने वाला है। इन पंचों का कहना है कि, स्मार्टफोन से आंखें खराब होती है।इसलिए ये प्रतिबंध लगाया जा रहा है.

Viral Video देख क्या बोल रहे यूजर्स

जालोर जिले के 15 गांवों ने इस फरमान को मान लिया है। सुंधामाता पट्टी से जुड़े चौधरी समाज का ये वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। इसे पंच हिम्मतराम पढ़कर सुना रहे हैं। खबरों की मानें तो महिलाओं के ऊपर ये फैसला देवाराम पक्ष कारनोल ने लिया था। जब ये तालिबानी फरमान सुनाया जा रहा था तो 14 पट्टियों के लोग मौजूद थे। महिलाओं पर लगे इस बैन के वीडियो को देख यूजर्स की तरफ से काफी तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक यूजर लिखता है, ‘सारी कुर्बानी बेटियां ही देती हैं।’ दूसरा लिखता है, ‘फिर तो घर का काम भी नहीं करेंगी खुद करें।’ वहीं, कई सारे लोग पंचायत के इस फैसले को सही बता रहे हैं। इसके साथ ही कुछ लोगों ने बेहद शर्मनाक बताया है।

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