Viral Video: सोशल मीडिया के इस जमाने में जहां वायरल होने की होड़ लगी हुई है और लोग इसके लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो ऐसा वायरल हो रहा है जिसने मेट्रो में पुरुषों के लिए एक अलग कोच की मांग को हवा दी है। दरअसल इनफ्लुएंसर ने एक शख्स पर उन्हें निहारने का आरोप लगाया जिसकी वजह से इंटरनेट यूजर्स खफा नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर वायरल वीडियो में ऐसा क्या हुआ जो फिलहाल विवादों की वजह बन गई है। विक्टिम बनने वाली इनफ्लुएंसर को ही लोग ट्रोल करने लगे हैं।
वायरल वीडियो को देख क्यों हो रहा है इनफ्लुएंसर का विरोध
This innocent boy was traveling on a metro.
This attention-seeker wannabe Instagram influencer recorded his video and called him a creep.
She falsely accused him of looking at her thighs.
Should men travel with their eyes closed? She’s sitting in front of him and recording… pic.twitter.com/e6pqdh3VcJ
— ︎ ︎venom (@venom1s) June 4, 2026
वीडियो की सच्चाई क्या है यह किसी को नहीं पता है लेकिन इसे x चैनल से शेयर करते हुए मर्द समाज की सुरक्षा पर सवाल किया गया है जिसके साथ ही लिखा गया कि “क्या मासूम लड़का मेट्रो में सफर कर रहा था। इस अटेंशन सीकर बनने वाले इंस्टाग्राम इनफ्लुएंसर ने उसका वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे क्रीप कहा। उसने उस पर झूठा इल्जाम लगाया कि वह उसकी जांघों को घूर रहा था। क्या पुरुषों को आंख बंद करके सफर करना चाहिए। वह उसके सामने बैठी है और उसे रिकॉर्ड कर रही है। आजकल कई लड़कियां इंस्टाग्राम पर वायरल होने के लिए मर्दों पर झूठा इल्जाम लगा रही है।
Viral Video को देख क्यों उठी मर्द के लिए ये मांग
इसके साथ ही वायरल वीडियो को लेकर यह भी कहा गया कि जब मर्द इनकी वजह से अपनी जान ले लेते हैं तब भी यह हिपो नहीं रुकते। मर्दों के लिए भी कोच बनाया जाए। वायरल वीडियो में साफ तौर पर सुना जा सकता है कि लड़की कहती नजर आती है कि इंटरनेट पर जाएगा सब ठीक हो जाएगा देखना। तब से मेरे जांघ को देखे जा रहा है। वहीं इनफ्लुएंसर इस वीडियो को भी बना रही है। इस वीडियो को देखकर एक यूजर ने कहा ऐसे किसी को सही गलत नहीं बता सकते हैं तो एक यूजर ने कहा इसे रियलिटी चेक मिलना चाहिए। @venom1s x वायरल वीडियो को फिलहाल 15000 से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।






