Viral Video: कोटा में छात्र अब नहीं कर सकेंगे सुसाइड, देखें पंखों पर कैसे लगा मोटे जाल का पहरा?

Viral Video: राजस्थान का कोटा कोचिंग सेंटर का हब कहा जाता है। यहां बच्चे आकर अपनी किस्मत को चमकाते हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से कोटा में सुसाइड करने वाले छात्रों के मामले बढ़ गए हैं। जिन्हें रोकने के लिए प्रसासन के द्वारा अहम कदम उठाया गया है। सोशल मीडिया पर अब इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

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Viral Video:  पिछले कुछ समय से राजस्थान का कोटा छात्रों के सुसाइड का गढ़ बनता जा रहा है। यहां पर बच्चे सरकारी नौकरी के लिए कोचिंग करने आते हैं। लेकिन पढ़ाई के प्रेशर के कारण अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लेते हैं। ऐसे तमाम कारण मृतक बच्चों के सुसाइड नोट में पढ़ने को मिलता है।  पीजी और हॉस्टल में रह रहे बच्चों की मानसिक स्थिति को सुधारन के लिए शासन और प्रशासन की तरफ से अहम कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन उसके बाद भी मामले नहीं थम रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसी से जुड़ा हुआ एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें पीजी में लगे पंखों को मोटे लोहे के जाल  में कैद किया गया है।  वीडियो में इसे बच्चों का सुरक्षा कवच बताया जा रहा है। कुछ यूजर्स  इस वीडियो को राजस्थान  के कोटा के पीजी और हॉस्टल का बता रहे हैं। हालंकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

Viral Video: कोटो में पंखों पर मोटे जाल का पहरा

पंखों पर लगे मोटे जाल के इस वायरल वीडियो को ममता ट्राबल नाम के यूजर ने एक्स पर पोस्ट किया है। इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘पंखे की कीमत 2000 रुपये है और लोहे की ग्रिल की कीमत 5000 रुपये है। खैर, छात्रों की जान सबसे पहले महत्वपूर्ण है।’

देखें वीडियो

वीडियो में देखा जा सकता है कि, पंखों पर मोटी जाली लगी हुई है। इन पंखों को पूरी तरह से कवर किया गया है ताकि कोई फांसी लगाकर सुसाइड ना कर सके। कुछ लोग इसे राजस्थान के कोटा का बता रहे हैं। लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

राजस्थान के कोटा में आत्महत्या करने वाले छात्रों के आंकड़े

राजस्थान के कोटा में साल 2025 में छात्रों द्वारा आत्महत्या के मामले बेहद चिंताजनक रहे। 29 अप्रैल 2025 तक की रिपोर्ट के अनुसार, कोटा में कोचिंग ले रहे 14 छात्रों ने आत्महत्या की थी। कुछ रिपोर्टों में मई 2025 के अंत तक यह आंकड़ा 15 तक पहुंचने का उल्लेख है। मरने वालों में अधिकांश NEET और JEE की कोचिंग कर रहे बच्चे थे। साल 2024 में 17 छात्रों ने सुसाइड किया था। वहीं, साल 2023 में ये आंकड़ा 29 था। वहीं साल 2022 में 15 बच्चों की आत्महत्या की खबर थी। वहीं, साल 2021 और 2020 में सिर्फ 4 बच्चों ने सुसाइड किया था। इस साल 2 मई तक 2 छात्रों ने अभी तक आत्महत्या की है।सबसे ज्यादा आत्महत्या के मामले साल 2023 में दर्ज किए गए हैं। बच्चों के द्वारा किए जा रहे सुसाइड पर राजस्थान हाईकोर्ट ने भी चिंता जताई थी।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

 

 

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