Viral Video: ट्रेन के अंदर अधिक कीमत पर खाना बेच रहे वेंडर और यात्री की बहस का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. यात्री के द्वारा पर खाने के ज्यादा पैसे वसूलने के लिए टोका गया तो वेंडर ने धमकी देना शुरु कर दिया. इस घटना के सामने आने के बाद भारतीय रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में पेंट्री स्टाफ एक यात्री के साथ खुलेआम बदतमीजी और गुंडागर्दी करता नजर आ रहा है. वेंडर की इस दबंगई को देखकर ट्रेन में सफर कर रहे अन्य यात्री भी खौफ में आ गए. क्योंकि वो ट्रेन से नीचे फेंकने की धमकी दे रहा है.
ट्रेन में वेंडर ने दी यात्री को धमकी
यात्री को धमकाते वेंडर के इस वायरल वीडियो को Ghar Ke Kalesh नाम के एक्स हैंडल से अपलोड किया गया है. इसके साथ ही कैप्शन में मामले की जानकारी देते हुए लिखा, यात्री ने 80 का खाना 130 में बेचे जाने पर सवाल उठाया, यह कहते हुए विक्रेता ने उसे धमकी दी। “तुम्हें ट्रेन से नीचे फेंकने में टाइम नहीं लगेगा”.
Passenger Questioned ₹80 Meal Being Sold for ₹130, Vendor Threatened Him Saying. “Tumhe Train Se Neeche Fenkne Mein Time Nahi Lagega” pic.twitter.com/2XOQD2mBQ1
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) June 3, 2026
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यात्रियों की सुरक्षा और वेंडर की गुंडागर्दी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं.ये विवाद तब और भी ज्यादा बढ़ा जब यात्री ने इस बढ़ी हुई कीमत पर आपत्ति जताई और 130 का पक्का बिल मांगा, तो वेंडर बिल देने के बजाय बुरी तरह भड़क गया. वो युवक को ट्रेन से नीच फेंकने की धमकी देने लगा.
Viral Video देख यूजर्स ने की एक्शन मांग
वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोग इस वीडियो को रेल मंत्रालय और IRCTC को टैग करके शेयर कर रहे हैं. वो इस वेंडर पर तुरंत एक्शन चाहते हैं. हालंकि खबर लिखे जाने तक अभी तक वेंडर के ऊपर किसी भी कार्रवाही की जानकारी सामने नहीं आ सकी है. वहीं, ये घटना कब और कहां की है? इसकी भी कोई आधिकारिक जानकारी मौजूद नहीं है. इस वीडियो को एक्स पर 3 जून को अपलोड किया गया था. इस पर 55000 से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं. वहीं, तमाम सारे लोगों के कमेंट आ रहे हैं.
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।






